शिक्षा
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत गोटेगांव में साक्षरता मूल्यांकन समाप्त
24 अक्टूबर को राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल और कलेक्टर नरसिंहपुर की निर्देशन में गोटेगांव के 145 सामाजिक चेतना केन्द्रों में मूलभूत साक्षरता‑संख्यात्मकता परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई।
24 अक्टूबर को उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल तथा कलेक्टर नरसिंहपुर श्रीमती रजनी सिंह के निर्देशन में विकासखंड गोटेगांव के 145 सामाजिक चेतना केन्द्रों पर मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई।
जिले द्वारा विकासखंड को निर्धारित 2,593 लक्ष्य के अनुसार शत‑प्रतिशत असाक्षर व्यक्तियों ने इस परीक्षा में भाग लिया। विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं स्रोत समन्वयक सिद्धांत बागड़े के आदेश पर सभी संकुल प्राचार्य, जन शिक्षक एवं सह‑समन्वयकों ने केन्द्रों का निरीक्षण किया, और सभी केन्द्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण एवं विधिवत संपन्न हुई।
विकासखंड सह‑समन्वयक साक्षरता सतीश कुमार साहू ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम का मूल्यांकन प्रतिवर्ष दो बार, मार्च और सितंबर में किया जाता है। इसमें 15 वर्ष से अधिक आयु के वे वयस्क शामिल होते हैं जो शिक्षा से वंचित रह गए हैं, तथा भारत सरकार की इस योजना का उद्देश्य असाक्षरता को समाप्त कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है।
परीक्षा के बाद शाला प्रभारी, शिक्षक एवं अक्षर साथियों के सहयोग से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाता है और परिणाम N.I.L.P. मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किए जाते हैं। असफल परीक्षार्थियों को आगामी मूल्यांकन में पुनः अवसर प्रदान किया जाएगा।
जिले द्वारा विकासखंड को निर्धारित 2,593 लक्ष्य के अनुसार शत‑प्रतिशत असाक्षर व्यक्तियों ने इस परीक्षा में भाग लिया। विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं स्रोत समन्वयक सिद्धांत बागड़े के आदेश पर सभी संकुल प्राचार्य, जन शिक्षक एवं सह‑समन्वयकों ने केन्द्रों का निरीक्षण किया, और सभी केन्द्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण एवं विधिवत संपन्न हुई।
विकासखंड सह‑समन्वयक साक्षरता सतीश कुमार साहू ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम का मूल्यांकन प्रतिवर्ष दो बार, मार्च और सितंबर में किया जाता है। इसमें 15 वर्ष से अधिक आयु के वे वयस्क शामिल होते हैं जो शिक्षा से वंचित रह गए हैं, तथा भारत सरकार की इस योजना का उद्देश्य असाक्षरता को समाप्त कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है।
परीक्षा के बाद शाला प्रभारी, शिक्षक एवं अक्षर साथियों के सहयोग से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाता है और परिणाम N.I.L.P. मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किए जाते हैं। असफल परीक्षार्थियों को आगामी मूल्यांकन में पुनः अवसर प्रदान किया जाएगा।