📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UK Parliament
विदेश
यूके संसद ने जम्मू-कश्मीर पर भारत की संप्रभुता को मान्यता देने वाला प्रस्ताव पारित किया
✍️ India Today
🗓 23 अक्टू. 2026, 02:02 AM
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यूके हाउस ऑफ़ कॉमन्स के सांसदों ने जम्मू-कश्मीर पर भारत की संप्रभुता को दोहराने वाला प्रस्ताव पारित किया।
लंदन – ब्रिटिश संसद के निचले सदन ने एक प्रस्ताव को अपनाया, जो जम्मू‑कश्मीर पर भारत की संप्रभुता को दोहराता है। यह प्रस्ताव कुछ सांसदों द्वारा पेश किया गया और भारत के इस क्षेत्र को भारतीय संघ का अभिन्न हिस्सा मानने की यूके की मान्यता को उजागर करता है।
यह प्रस्ताव नई नीति नहीं बनाता, बल्कि 2019 में क्षेत्र के पुनर्गठन के बाद भारत की स्थापित स्थिति के साथ अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं के अनुरूप एक औपचारिक बयान है।
भारतीय अधिकारियों ने इस कदम का स्वागत किया, इसे भारत की संप्रभुता के वैश्विक मान्यता का प्रमाण बताया। यूके सरकार ने अलग से बयान नहीं दिया, पर संसद की इस मतदान से स्पष्ट पार्लियामेंटरी सहमति का संकेत मिलता है।
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे प्रस्ताव, यद्यपि कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते, कूटनीतिक वार्तालापों में भारत‑लंदन संबंधों को सुदृढ़ करने में भूमिका निभा सकते हैं।
यह प्रस्ताव आधिकारिक संसद कार्यवाही में दर्ज होगा और भविष्य में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय मुद्दों से संबंधित कूटनीतिक चर्चाओं में उद्धृत किया जा सकता है।
यह प्रस्ताव नई नीति नहीं बनाता, बल्कि 2019 में क्षेत्र के पुनर्गठन के बाद भारत की स्थापित स्थिति के साथ अंतरराष्ट्रीय चर्चाओं के अनुरूप एक औपचारिक बयान है।
भारतीय अधिकारियों ने इस कदम का स्वागत किया, इसे भारत की संप्रभुता के वैश्विक मान्यता का प्रमाण बताया। यूके सरकार ने अलग से बयान नहीं दिया, पर संसद की इस मतदान से स्पष्ट पार्लियामेंटरी सहमति का संकेत मिलता है।
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे प्रस्ताव, यद्यपि कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते, कूटनीतिक वार्तालापों में भारत‑लंदन संबंधों को सुदृढ़ करने में भूमिका निभा सकते हैं।
यह प्रस्ताव आधिकारिक संसद कार्यवाही में दर्ज होगा और भविष्य में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय मुद्दों से संबंधित कूटनीतिक चर्चाओं में उद्धृत किया जा सकता है।