📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anchal lilhare
धर्म
उज्जैन में महाकाल का हाथी पर सवार दर्शन, भीड़ में भी सहज दर्शन
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 06 सित. 2026, 08:18 PM
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पुजारी महेश गुरु के अनुसार भीड़ से महाकाल के पालकी दर्शन न हो पाने वाले भक्त अब हाथी पर सवार महाकाल का दर्शन कर सकते हैं।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर ने भीड़भाड़ के समय भक्तों के लिए एक विशेष दर्शन व्यवस्था शुरू की है। पुजारी महेश गुरु के अनुसार, जो श्रद्धालु पालकी में बैठे महाकाल का स्पष्ट दर्शन नहीं कर पाते, वे अब ऊँची जगह पर हाथी पर सवार महाकाल का दर्शन कर सकते हैं।
हाथी पर सवार महाकाल की यह प्रक्रिया एक राजसी सवारी का हिस्सा है, जिसमें गार्ड ऑफ ऑनर और दो मुखारविंद भी शामिल होते हैं, जिससे समारोह में शाही माहौल बनता है। यह व्यवस्था भीड़ के कारण उत्पन्न असुविधा को दूर करते हुए सभी भक्तों को सहज रूप से दर्शन का अवसर देती है।
महाकालेश्वर, बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, दैनिक रूप से हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, विशेषकर त्यौहारों के दौरान। इस नई व्यवस्था से मंदिर प्रबंधन बड़ी भीड़ को संभालते हुए भी देवता के दर्शन की पवित्रता को बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि हाथी को अनुभवी महौतों द्वारा नियंत्रित किया जाता है और महाकाल की प्रतिमा को सुरक्षित रूप से स्थापित किया गया है, जिससे पारंपरिक प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो रहा है। यह पहल भक्तों द्वारा महाकाल के आशीर्वाद को बिना किसी बाधा के प्राप्त करने के लिए सराही जा रही है।
हाथी पर सवार महाकाल की यह प्रक्रिया एक राजसी सवारी का हिस्सा है, जिसमें गार्ड ऑफ ऑनर और दो मुखारविंद भी शामिल होते हैं, जिससे समारोह में शाही माहौल बनता है। यह व्यवस्था भीड़ के कारण उत्पन्न असुविधा को दूर करते हुए सभी भक्तों को सहज रूप से दर्शन का अवसर देती है।
महाकालेश्वर, बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, दैनिक रूप से हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, विशेषकर त्यौहारों के दौरान। इस नई व्यवस्था से मंदिर प्रबंधन बड़ी भीड़ को संभालते हुए भी देवता के दर्शन की पवित्रता को बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि हाथी को अनुभवी महौतों द्वारा नियंत्रित किया जाता है और महाकाल की प्रतिमा को सुरक्षित रूप से स्थापित किया गया है, जिससे पारंपरिक प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो रहा है। यह पहल भक्तों द्वारा महाकाल के आशीर्वाद को बिना किसी बाधा के प्राप्त करने के लिए सराही जा रही है।