📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
विज्ञान
उज्जैन मंदिर प्रबंधन ने खड़े हनुमान प्रतिमा को स्थानांतरित करने से पहले स्कैन किया
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 10 सित. 2026, 04:47 PM
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उज्जैन के श्री खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिष्ठित प्रतिमा को स्थानांतरित करने से पहले अधिकारियों ने विस्तृत स्कैन किया। विशेषज्ञों ने किसी भी निर्णय से पहले पूरी जांच की सलाह दी।
उज्जैन के श्री खड़े हनुमान मंदिर के प्रबंधन ने घोषणा की कि प्रतिमा को स्थानांतरित करने से पहले एक विस्तृत स्कैन किया गया है। यह स्कैन प्रतिमा के आयाम और संरचनात्मक विवरण को बिना छुए कैप्चर करने के लिए किया गया था।
स्कैन उन्नत इमेजिंग तकनीक का उपयोग करके किया गया, जिससे इंजीनियरों और इतिहासकारों को प्रतिमा की स्थिति और स्थिरता का आकलन करने में मदद मिली। इस डेटा से यह तय किया जाएगा कि प्रतिमा को सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया जा सकता है या उसे वर्तमान स्थान पर ही रहना चाहिए।
संरक्षण विशेषज्ञों और संरचनात्मक इंजीनियरों ने जोर दिया कि किसी भी निर्णय को स्कैन के परिणामों और व्यापक जोखिम मूल्यांकन पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि उचित विश्लेषण के बिना प्रतिमा को स्थानांतरित करने से उसकी क्षति हो सकती है और उसकी सांस्कृतिक महत्ता कम हो सकती है।
मंदिर प्रशासन ने कहा है कि स्कैन रिपोर्ट को एक विशेषज्ञ पैनल द्वारा समीक्षा किया जाएगा, इससे पहले कि किसी भी स्थानांतरण योजना को अंतिम रूप दिया जाए। समुदाय आशान्वित है कि प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रहेगी।
स्कैन उन्नत इमेजिंग तकनीक का उपयोग करके किया गया, जिससे इंजीनियरों और इतिहासकारों को प्रतिमा की स्थिति और स्थिरता का आकलन करने में मदद मिली। इस डेटा से यह तय किया जाएगा कि प्रतिमा को सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया जा सकता है या उसे वर्तमान स्थान पर ही रहना चाहिए।
संरक्षण विशेषज्ञों और संरचनात्मक इंजीनियरों ने जोर दिया कि किसी भी निर्णय को स्कैन के परिणामों और व्यापक जोखिम मूल्यांकन पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि उचित विश्लेषण के बिना प्रतिमा को स्थानांतरित करने से उसकी क्षति हो सकती है और उसकी सांस्कृतिक महत्ता कम हो सकती है।
मंदिर प्रशासन ने कहा है कि स्कैन रिपोर्ट को एक विशेषज्ञ पैनल द्वारा समीक्षा किया जाएगा, इससे पहले कि किसी भी स्थानांतरण योजना को अंतिम रूप दिया जाए। समुदाय आशान्वित है कि प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रहेगी।