📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / DeepanjanGhosh
धर्म
उज्जैन में शाही मस्जिद को सड़क चौड़ीकरण के खतरे के खिलाफ मुस्लिमों का विरोध, समझौते के बाद हाईकोर्ट की सुनवाई आज
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 28 सित. 2026, 09:36 AM
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उज्जैन के मुस्लिम निवासियों ने ऐतिहासिक शाही मस्जिद के एक हिस्से को प्रभावित करने वाली प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना के खिलाफ विरोध किया। अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद उन्होंने समझौता किया और आज मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में इसकी सुनवाई निर्धारित है।
प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब स्थानीय मुस्लिम समूहों को पता चला कि सिंहस्थल 2028 परियोजना के लिए सड़क चौड़ीकरण योजना में शाही मस्जिद के एक हिस्से को तोड़ना पड़ सकता है। प्रदर्शनकारी मस्जिद के पास इकट्ठा हुए और ऐतिहासिक स्थल के नुकसान या बदलाव की आशंका जताई।
समुदाय के नेताओं ने कहा कि यह मस्जिद सदियों से खड़ी है और क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्य रखती है। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी अतिक्रमण मुस्लिम आबादी की भावनाओं को आहत कर सकता है और परियोजना के मार्ग का पुनर्मूल्यांकन करने का अनुरोध किया।
मस्जिद समिति, स्थानीय प्रशासन और प्रदर्शनकारी समूहों के प्रतिनिधियों के बीच कई चर्चा के बाद एक सहमति बनी कि सड़क योजना में संशोधन किया जाए ताकि मस्जिद की संरचना सुरक्षित रहे। दोनों पक्षों ने संशोधित प्रस्ताव को कानूनी जांच के लिए प्रस्तुत करने पर सहमति जताई।
अब इस मामले को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में लाया गया है, जो आज संशोधित मार्ग की वैधता और मस्जिद परिसर के संरक्षण के संबंध में तर्क सुन रहा है। अदालत का निर्णय सिंहस्थल 2028 सड़क चौड़ीकरण पहल के अगले कदमों को तय करेगा।
समुदाय के नेताओं ने कहा कि यह मस्जिद सदियों से खड़ी है और क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्य रखती है। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी अतिक्रमण मुस्लिम आबादी की भावनाओं को आहत कर सकता है और परियोजना के मार्ग का पुनर्मूल्यांकन करने का अनुरोध किया।
मस्जिद समिति, स्थानीय प्रशासन और प्रदर्शनकारी समूहों के प्रतिनिधियों के बीच कई चर्चा के बाद एक सहमति बनी कि सड़क योजना में संशोधन किया जाए ताकि मस्जिद की संरचना सुरक्षित रहे। दोनों पक्षों ने संशोधित प्रस्ताव को कानूनी जांच के लिए प्रस्तुत करने पर सहमति जताई।
अब इस मामले को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में लाया गया है, जो आज संशोधित मार्ग की वैधता और मस्जिद परिसर के संरक्षण के संबंध में तर्क सुन रहा है। अदालत का निर्णय सिंहस्थल 2028 सड़क चौड़ीकरण पहल के अगले कदमों को तय करेगा।