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उज्जैन में जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक, दो ब्रांडों के घी पर लगाया बंद
सीईओ जिला पंचायत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 279 खाद्य नमूनों की जांच की गई, जिसमें 16 नमूने फेल पाए गए। डेयरी सरस और नमस्ते इंडिया काउ घी के उज्जैन में विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया।
उज्जैन, 22 अक्टूबर। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश की अधिसूचना से गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की वर्ष 2026-27 की तृतीय तिमाही की बैठक सीईओ जिला पंचायत श्री श्रेयांस कूमट की अध्यक्षता में विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में एडीएम श्री अत्येंद्र सिंह गुर्जर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. विक्रम रघुवंशी एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित हुए।
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दिनांक 01.04.2026 से 21.10.2026 तक विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 279 नमूने संग्रहित किए गए। इनमें से 50 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जिनमें 16 नमूने फेल पाए गए हैं, जबकि 229 रिपोर्टों के जांच प्रतिवेदन प्रतीक्षारत हैं। दिनांक 22.10.2026 तक जेएमएफसी न्यायालय में कुल 46 प्रकरण एवं एडीएम न्यायालय में 285 प्रकरण प्रचलित हैं। इस अवधि में एडीएम न्यायालय द्वारा 16 लाख 56 हजार रूपये का दण्ड अधिरोपित किया गया है।
बैठक में यह भी सामने आया कि डेयरी सरस घी, एसआरएआई मिल्क क्रीम देसी घी, रत्नागिरी काउ एवं देसी घी, नंदकृष्णा घी और नमस्ते इंडिया काउ घी असुरक्षित स्तर के पाए गए हैं। अधिनियम के तहत प्रक्रिया का पालन करते हुए डेयरी सरस घी (200 मि.ली. पैक, बैच नंबर 07) और नमस्ते इंडिया काउ घी (500 मि.ली. पैक, बैच नंबर 47) के उज्जैन जिले में विक्रय प्रतिबंधित कर दिया गया है। इनके निर्माता क्रमशः श्री श्याम फूड प्रोडक्ट, अजमेर (राजस्थान) और एनआईएफ प्राईवेट लिमिटेड, कानपुर नगर (यूपी) हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में त्यौहारों के समय पूर्व कार्यवाही करने और अच्छा व्यवसाय करने वाले खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही जनजागरूकता कार्यक्रम बढ़ाने, स्कूलों में छात्र-छात्राओं को लेबल पढ़ने की आदतें विकसित करने और अवमानक/दूषित खाद्य सामग्री के विक्रय पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, दिनांक 01.04.2026 से 21.10.2026 तक विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 279 नमूने संग्रहित किए गए। इनमें से 50 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जिनमें 16 नमूने फेल पाए गए हैं, जबकि 229 रिपोर्टों के जांच प्रतिवेदन प्रतीक्षारत हैं। दिनांक 22.10.2026 तक जेएमएफसी न्यायालय में कुल 46 प्रकरण एवं एडीएम न्यायालय में 285 प्रकरण प्रचलित हैं। इस अवधि में एडीएम न्यायालय द्वारा 16 लाख 56 हजार रूपये का दण्ड अधिरोपित किया गया है।
बैठक में यह भी सामने आया कि डेयरी सरस घी, एसआरएआई मिल्क क्रीम देसी घी, रत्नागिरी काउ एवं देसी घी, नंदकृष्णा घी और नमस्ते इंडिया काउ घी असुरक्षित स्तर के पाए गए हैं। अधिनियम के तहत प्रक्रिया का पालन करते हुए डेयरी सरस घी (200 मि.ली. पैक, बैच नंबर 07) और नमस्ते इंडिया काउ घी (500 मि.ली. पैक, बैच नंबर 47) के उज्जैन जिले में विक्रय प्रतिबंधित कर दिया गया है। इनके निर्माता क्रमशः श्री श्याम फूड प्रोडक्ट, अजमेर (राजस्थान) और एनआईएफ प्राईवेट लिमिटेड, कानपुर नगर (यूपी) हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में त्यौहारों के समय पूर्व कार्यवाही करने और अच्छा व्यवसाय करने वाले खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही जनजागरूकता कार्यक्रम बढ़ाने, स्कूलों में छात्र-छात्राओं को लेबल पढ़ने की आदतें विकसित करने और अवमानक/दूषित खाद्य सामग्री के विक्रय पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।