📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shagil Kannur
राजनीति
यूडीएफ‑एलडीएफ नेताओं ने भाजपा के सीएमआरएल अवैध भुगतान आरोपों को खारिज किया
✍️ The Meghalayan Express
🗓 25 सित. 2026, 12:37 AM
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केरल की यूडीएफ और एलडीएफ गठबंधन के नेताओं ने भाजपा के सीएमआरएल अवैध भुगतान के आरोपों को खारिज कर दिया।
केरल की दो प्रमुख गठबंधन, यूडीएफ और एलडीएफ, ने भाजपा द्वारा उठाए गए यह आरोप को खारिज कर दिया है कि उन्हें चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (सीएमआरएल) से अवैध भुगतान मिला है। दोनों गठबंधनों के वरिष्ठ नेताओं ने अपने बयानों में इस बात को स्पष्ट किया।
भाजपा ने कहा कि विपक्षी दलों ने सीएमआरएल के अनुबंधों से वित्तीय लाभ उठाया है, जो कानूनी और नैतिक मानदंडों के विरुद्ध है। इस आरोप में कोई विशिष्ट राशि या लेन‑देन का विवरण नहीं दिया गया।
यूडीएफ और एलडीएफ के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह आरोप निराधार है और इसके लिए कोई दस्तावेज़ी साक्ष्य नहीं है। उन्होंने भाजपा से अनुरोध किया कि वह अपने दावों को ठोस प्रमाणों से सिद्ध करे और कहा कि बिना पुष्टि के आरोपों से राज्य की राजनीतिक माहौल में खलल पड़ सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव राष्ट्रीय ruling पार्टी और केरल की क्षेत्रीय गठबंधनों के बीच मौजूदा प्रतिस्पर्धा को और तीव्र कर रहा है, विशेषकर आगामी चुनावों के संदर्भ में।
भाजपा ने कहा कि विपक्षी दलों ने सीएमआरएल के अनुबंधों से वित्तीय लाभ उठाया है, जो कानूनी और नैतिक मानदंडों के विरुद्ध है। इस आरोप में कोई विशिष्ट राशि या लेन‑देन का विवरण नहीं दिया गया।
यूडीएफ और एलडीएफ के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह आरोप निराधार है और इसके लिए कोई दस्तावेज़ी साक्ष्य नहीं है। उन्होंने भाजपा से अनुरोध किया कि वह अपने दावों को ठोस प्रमाणों से सिद्ध करे और कहा कि बिना पुष्टि के आरोपों से राज्य की राजनीतिक माहौल में खलल पड़ सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव राष्ट्रीय ruling पार्टी और केरल की क्षेत्रीय गठबंधनों के बीच मौजूदा प्रतिस्पर्धा को और तीव्र कर रहा है, विशेषकर आगामी चुनावों के संदर्भ में।