📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
विदेश
उदयपुर निवासी ने म्यांमार में जबरन साइबर स्कैम का आरोप
✍️ UdaipurTimes.com
🗓 08 अक्टू. 2026, 04:31 PM
👁 16
उदयपुर के एक व्यक्ति ने कहा कि उसे म्यांमार में जबरन पकड़ कर ऑनलाइन धोखाधड़ी करने के लिए मजबूर किया गया।
उदयपुर के एक निवासी ने कहा कि वह विदेश यात्रा के दौरान पकड़ा गया और म्यांमार ले जाया गया, जहाँ उसे कई हफ्तों तक बंदी बनाया गया। अपने बयान में उन्होंने बताया कि स्थानीय सशस्त्र समूहों ने उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी के काम में भाग लेने के लिए मजबूर किया, जिससे भारत और अन्य देशों के लोगों को ठगा गया।
उन्होंने बताया कि उन्हें निरंतर निगरानी में रखा गया, कंप्यूटर प्रदान किए गए और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के ज़रिए धोखाधड़ी की लेन‑देनों का समन्वय करने को कहा गया। यदि वे इनकार करते या भागने की कोशिश करते तो हिंसा की धमकी दी गई।
भारतीय अधिकारियों को यह आरोप बताया गया है और वे म्यांमार की पुलिस एजेंसियों के साथ मिलकर इस बात की पुष्टि करने और व्यक्ति को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। अभी तक उनकी स्थिति या किसी अपराधी नेटवर्क की भागीदारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यह मामला भारतियों को सशस्त्र समूहों द्वारा मानव तस्करी और ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए शोषण की बढ़ती चिंता को उजागर करता है। अधिकारियों ने संघर्ष‑प्रवण क्षेत्रों की यात्रा करने वाले नागरिकों से सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना निकटतम भारतीय मिशन को देने का आग्रह किया है।
जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, और परिवार सुरक्षित वापसी की उम्मीद में अधिकारियों से आगे की जानकारी का इंतजार कर रहा है।
उन्होंने बताया कि उन्हें निरंतर निगरानी में रखा गया, कंप्यूटर प्रदान किए गए और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के ज़रिए धोखाधड़ी की लेन‑देनों का समन्वय करने को कहा गया। यदि वे इनकार करते या भागने की कोशिश करते तो हिंसा की धमकी दी गई।
भारतीय अधिकारियों को यह आरोप बताया गया है और वे म्यांमार की पुलिस एजेंसियों के साथ मिलकर इस बात की पुष्टि करने और व्यक्ति को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। अभी तक उनकी स्थिति या किसी अपराधी नेटवर्क की भागीदारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यह मामला भारतियों को सशस्त्र समूहों द्वारा मानव तस्करी और ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए शोषण की बढ़ती चिंता को उजागर करता है। अधिकारियों ने संघर्ष‑प्रवण क्षेत्रों की यात्रा करने वाले नागरिकों से सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना निकटतम भारतीय मिशन को देने का आग्रह किया है।
जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, और परिवार सुरक्षित वापसी की उम्मीद में अधिकारियों से आगे की जानकारी का इंतजार कर रहा है।