📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Johan Wessman / News Oresund
स्थानीय
कूनो से दो मादा चीते बारां के शाहाबाद वन में पहुँचे
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 26 अग. 2026, 05:17 PM
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कूनो नेशनल पार्क से दो मादा चीते, ओकाड‑1 और ओकाड‑2, बारां जिले के शाहाबाद वन में पहुँचाए गए हैं। वन विभाग उनकी निगरानी कर रहा है और ग्रामीणों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
राजस्थान वन विभाग ने कूनो नेशनल पार्क (मध्य प्रदेश) से दो वयस्क मादा चीते, ओकाड‑1 और ओकाड‑2, को बारां जिले के शाहाबाद वन क्षेत्र में स्थानांतरित किया है। यह कदम राज्य में उपयुक्त आवास में चीते की स्थायी आबादी स्थापित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
अधिकारी बताते हैं कि ये चीते मंगलवार को सुरक्षित रूप से पहुँचे और अब वन्यजीव जीवविज्ञानी उनकी नई पर्यावरण में अनुकूलन की जाँच के लिए निरंतर निगरानी कर रहे हैं। विभाग ने गति‑सेंसर कैमरे और नियमित गश्तें स्थापित की हैं ताकि उनके चलन‑फिरन और स्वास्थ्य की जानकारी मिल सके।
स्थानीय निवासियों और किसानों को वन के निकट रहने वाले लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे जानवरों से उचित दूरी बनाए रखें और किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष संपर्क न करें। यह स्थानांतरण भारत में संकटग्रस्त इस प्रजाति को पुनः स्थापित करने के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत कई समान प्रयासों में से एक है, जिसका उद्देश्य मानव‑वन्यजीव टकराव को कम करते हुए संरक्षित क्षेत्रों में चीते को फल‑फूलने देना है।
अधिकारी बताते हैं कि ये चीते मंगलवार को सुरक्षित रूप से पहुँचे और अब वन्यजीव जीवविज्ञानी उनकी नई पर्यावरण में अनुकूलन की जाँच के लिए निरंतर निगरानी कर रहे हैं। विभाग ने गति‑सेंसर कैमरे और नियमित गश्तें स्थापित की हैं ताकि उनके चलन‑फिरन और स्वास्थ्य की जानकारी मिल सके।
स्थानीय निवासियों और किसानों को वन के निकट रहने वाले लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे जानवरों से उचित दूरी बनाए रखें और किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष संपर्क न करें। यह स्थानांतरण भारत में संकटग्रस्त इस प्रजाति को पुनः स्थापित करने के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत कई समान प्रयासों में से एक है, जिसका उद्देश्य मानव‑वन्यजीव टकराव को कम करते हुए संरक्षित क्षेत्रों में चीते को फल‑फूलने देना है।