📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
राजनीति
टीवीके मंत्री ने उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी पर तीखा प्रहार, तमिलनाडु राजनीति में तनाव बढ़ा
✍️ India Today
🗓 28 सित. 2026, 11:47 AM
👁 17
टीवीके पार्टी के एक मंत्री ने उदयनिधि स्टालिन की हालिया टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से टिका, जिससे तमिलनाडु में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता तेज़ हुई।
टीवीके पार्टी के मंत्री ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डेमोक्रेटिक पार्टी (डीएमके) के वरिष्ठ नेता उदयनिधि स्टालिन के हालिया बयानों की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्टालिन के बयानों को "भ्रामक" कहा और चेतावनी दी कि ऐसी भाषा मतदाताओं को और अधिक विभाजित कर सकती है।
स्टालिन, जो युवा कल्याण और खेल विकास के मंत्री हैं, ने राज्य सरकार की विकास योजना पर बात की थी, जिससे टीवीके नेता ने इसे विपक्षी आवाज़ों को कमजोर करने का प्रयास कहा। यह टकराव आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले दोनों पार्टियों के बीच बढ़ते मौखिक झगड़े का नया उदाहरण है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव तमिलनाडु की राजनीति में गहरी विभाजन रेखाओं को दर्शाता है, जहाँ क्षेत्रीय पार्टियां प्रमुख मतदाता समूहों पर प्रभाव जमाने की कोशिश करती हैं। दोनों पक्षों ने शांति की अपील की है, परन्तु चुनाव कैलेंडर के नजदीक आने से स्थितियों में कठोरता बढ़ती दिख रही है।
टीवीके मंत्री ने सभी राजनीतिक व्यक्तियों के बयानों की सटीकता पर मीडिया की निगरानी की भी मांग की, यह कहते हुए कि सार्वजनिक संवाद में तथ्यात्मकता आवश्यक है। स्टालिन के कार्यालय ने इस समय कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की।
स्टालिन, जो युवा कल्याण और खेल विकास के मंत्री हैं, ने राज्य सरकार की विकास योजना पर बात की थी, जिससे टीवीके नेता ने इसे विपक्षी आवाज़ों को कमजोर करने का प्रयास कहा। यह टकराव आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले दोनों पार्टियों के बीच बढ़ते मौखिक झगड़े का नया उदाहरण है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव तमिलनाडु की राजनीति में गहरी विभाजन रेखाओं को दर्शाता है, जहाँ क्षेत्रीय पार्टियां प्रमुख मतदाता समूहों पर प्रभाव जमाने की कोशिश करती हैं। दोनों पक्षों ने शांति की अपील की है, परन्तु चुनाव कैलेंडर के नजदीक आने से स्थितियों में कठोरता बढ़ती दिख रही है।
टीवीके मंत्री ने सभी राजनीतिक व्यक्तियों के बयानों की सटीकता पर मीडिया की निगरानी की भी मांग की, यह कहते हुए कि सार्वजनिक संवाद में तथ्यात्मकता आवश्यक है। स्टालिन के कार्यालय ने इस समय कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की।