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06 अक्टू. 2026•
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तुरा मेले में गरो पहाड़ी किसानों के लिए जुम से प्राकृतिक खेती की ओर बदलाव
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Timothy A. Gonsalves
कृषि

तुरा मेले में गरो पहाड़ी किसानों के लिए जुम से प्राकृतिक खेती की ओर बदलाव

✍️ The Meghalayan Express 🗓 06 अक्टू. 2026, 10:16 AM 👁 14
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मेघालय के गरो पहाड़ियों में तुरा मेले ने जुम से प्राकृतिक खेती की ओर बदलाव को प्रमुखता दी, किसानों के लिए नई तकनीकों और लाभों को दिखाया।

मेगाालय के गरो पहाड़ी क्षेत्र के तुरा शहर में आयोजित वार्षिक तुरा मेले ने इस वर्ष कृषि को मुख्य आकर्षण बनाया, जिसमें जुम (शिफ्टिंग खेती) से प्राकृतिक खेती की ओर बदलाव को प्रमुखता दी गई।
मेले के आयोजकों ने किसानों, कृषि विशेषज्ञों और NGOs को आमंत्रित कर जैविक इनपुट, बीज संरक्षण और मिट्टी स्वास्थ्य तकनीकों का प्रदर्शन कराया, जिससे पारंपरिक जुम पर निर्भरता घटाने का लक्ष्य रखा गया।
प्रदर्शनी में रासायनिक मुक्त उपज वाले किसानों के स्टॉल और कार्यशालाएँ शामिल थीं, जहाँ प्राकृतिक खेती के लाभ और स्थिर उत्पादन के बारे में बताया गया।
राज्य के अधिकारियों ने मेले को मेघालय में सतत कृषि को बढ़ावा देने की व्यापक योजना का हिस्सा बताया, और किसानों से पर्यावरण‑अनुकूल प्रथाओं को अपनाने का आग्रह किया।
उपस्थित लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, विशेषकर युवा किसानों ने जुम से हटकर प्राकृतिक खेती को अपनाने में बढ़ती रुचि दिखाई।
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