📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown
टेक्नोलॉजी
ट्रम्प ने खर्ग द्वीप के विस्फोट का एआई वीडियो जारी किया
✍️ NDTV
🗓 31 अग. 2026, 11:47 AM
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डोनाल्ड ट्रम्प को सौंपे गए एक एआई‑डिपफेक वीडियो में इरान के खर्ग द्वीप को विस्फोटित होते दिखाया गया, जिससे एआई के दुरुपयोग को लेकर चिंता बढ़ी।
एक कृत्रिम वीडियो जो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, उसमें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को इरान के तेल‑सम्पन्न खर्ग द्वीप पर हमले का नाटकीय दृश्य प्रस्तुत करते दिखाया गया है। एआई तकनीक से निर्मित इस क्लिप में द्वीप को क्षणिक विस्फोट में ध्वस्त होते दिखाया गया है। एनडीटीवी ने बताया कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जहाँ इसकी प्रामाणिकता पर बहस छिड़ गई।
डिजिटल फॉरेन्सिक विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे डीप‑फेक सामग्री का दुरुपयोग करके गलत सूचना फैलायी जा सकती है, विशेषकर जब यह उच्च‑प्रोफ़ाइल राजनैतिक व्यक्तियों से जुड़ी हो। ट्रम्प ने इस वीडियो के निर्माण या उद्देश्य के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
यह घटना भारत और विश्वभर में एआई‑जनित मीडिया के तेज़ प्रसार और सत्यापन की चुनौतियों को उजागर करती है। अधिकारियों और प्लेटफ़ॉर्मों से अनुरोध किया गया है कि वे भ्रामक दृश्य सामग्री को रोकने के लिए पहचान तंत्र को सुदृढ़ करें।
खर्ग द्वीप को वास्तविक क्षति का कोई दावा नहीं किया गया है, और इरानी अधिकारियों ने इस वीडियो पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह मामला एआई उपकरणों के नियमन पर चल रहे बहस में नई दलील जोड़ता है।
डिजिटल फॉरेन्सिक विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे डीप‑फेक सामग्री का दुरुपयोग करके गलत सूचना फैलायी जा सकती है, विशेषकर जब यह उच्च‑प्रोफ़ाइल राजनैतिक व्यक्तियों से जुड़ी हो। ट्रम्प ने इस वीडियो के निर्माण या उद्देश्य के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
यह घटना भारत और विश्वभर में एआई‑जनित मीडिया के तेज़ प्रसार और सत्यापन की चुनौतियों को उजागर करती है। अधिकारियों और प्लेटफ़ॉर्मों से अनुरोध किया गया है कि वे भ्रामक दृश्य सामग्री को रोकने के लिए पहचान तंत्र को सुदृढ़ करें।
खर्ग द्वीप को वास्तविक क्षति का कोई दावा नहीं किया गया है, और इरानी अधिकारियों ने इस वीडियो पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह मामला एआई उपकरणों के नियमन पर चल रहे बहस में नई दलील जोड़ता है।