📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Brendonmotom
कृषि
त्रिपुरा ने दूध, मांस और अंडों में आत्मनिर्भरता के लिए पाँच‑साल की योजना घोषित की
✍️ India Today NE
🗓 28 अग. 2026, 09:36 PM
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त्रिपुरा सरकार ने राज्य की दूध, मांस और अंडे की मांग को स्थानीय उत्पादन से पूरा करने के लिए पाँच साल की योजना की घोषणा की।
त्रिपुरा की राज्य सरकार ने एक व्यापक पाँच‑साल की रणनीति पेश की है, जिसका उद्देश्य दूध, मांस और अंडे जैसे तीन प्रमुख पशु‑उत्पादों में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। इस रोडमैप में डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देना, पोल्ट्री उत्पादन का विस्तार और व्यवस्थित पशुपालन विकसित करना शामिल है, साथ ही आधुनिक तकनीकों और बाजार संपर्कों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय प्रोत्साहन, क्षमता‑निर्माण कार्यक्रम और कोल्ड‑स्टोरेज एवं प्रोसेसिंग सुविधाओं की स्थापना की जाएगी, जिससे उत्पादन‑बाद के नुकसान को कम किया जा सके। केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ समन्वय से तकनीकी विशेषज्ञता और फंडिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
यदि योजना सफल रहती है, तो त्रिपुरा की अन्य राज्यों से आयात पर निर्भरता घटेगी, उपभोक्ताओं के लिए कीमतें स्थिर होंगी और ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी। सरकार ने पाँच साल के अंत तक प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता में 30 प्रतिशत, पोल्ट्री उत्पादन में 25 प्रतिशत और अंडे की उत्पादन क्षमता को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
इस पहल की निगरानी के लिए एक विशेष कार्यदल बनाया गया है, जो वार्षिक प्रगति की समीक्षा करेगा और आवश्यकतानुसार उपायों में बदलाव करेगा। किसान सहकारी समितियों और निजी कृषि व्यवसायों को कार्यान्वयन चरण में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय प्रोत्साहन, क्षमता‑निर्माण कार्यक्रम और कोल्ड‑स्टोरेज एवं प्रोसेसिंग सुविधाओं की स्थापना की जाएगी, जिससे उत्पादन‑बाद के नुकसान को कम किया जा सके। केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ समन्वय से तकनीकी विशेषज्ञता और फंडिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
यदि योजना सफल रहती है, तो त्रिपुरा की अन्य राज्यों से आयात पर निर्भरता घटेगी, उपभोक्ताओं के लिए कीमतें स्थिर होंगी और ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी। सरकार ने पाँच साल के अंत तक प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता में 30 प्रतिशत, पोल्ट्री उत्पादन में 25 प्रतिशत और अंडे की उत्पादन क्षमता को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
इस पहल की निगरानी के लिए एक विशेष कार्यदल बनाया गया है, जो वार्षिक प्रगति की समीक्षा करेगा और आवश्यकतानुसार उपायों में बदलाव करेगा। किसान सहकारी समितियों और निजी कृषि व्यवसायों को कार्यान्वयन चरण में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।