📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pratap Public School, India
शिक्षा
त्रिपुरा में शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूलों में कार्यक्रम
✍️ News On AIR
🗓 05 सित. 2026, 05:36 PM
👁 33
त्रिपुरा के स्कूलों और महाविद्यालयों ने 5 सितंबर को शिक्षक दिवस को सांस्कृतिक कार्यक्रमों और शिक्षकों के सम्मान के साथ मनाया।
5 सितंबर को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस को त्रिपुरा भर में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया, जहाँ शैक्षणिक संस्थानों ने अपने शिक्षकों को सम्मानित करने के कई कार्यक्रम आयोजित किए। यह दिन डॉ. सर्वेपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है और शिक्षकों के योगदान को उजागर करता है।
राज्य के विभिन्न स्कूलों और महाविद्यालयों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसमें नृत्य, गीत और कविताएँ शिक्षक को समर्पित थीं। कई संस्थानों ने प्रमाणपत्र, फूल और छोटे उपहारों के माध्यम से शिक्षकों को सराहा। कुछ जिलों में छात्रों ने शिक्षकों के महत्व पर आधारित छोटे भाषण और नाट्य प्रस्तुत किए।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि छात्रों और स्टाफ की सक्रिय भागीदारी सराहनीय है और इस तरह के कार्यक्रम शिक्षण पेशे के प्रति सम्मान को बढ़ाते हैं। उन्होंने स्कूलों से यह भी कहा कि शिक्षक दिवस के बाद भी सीखने और मार्गदर्शन के माहौल को कायम रखा जाए।
न्यूज़ ऑन एअर ने इन कार्यक्रमों की व्यापक भागीदारी को उजागर किया, जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के स्कूलों की समान उत्सुकता को दर्शाया गया, और यह बताया गया कि शिक्षक दिवस त्रिपुरा के भविष्य को आकार देने में शिक्षकों की अहम भूमिका की याद दिलाता है।
राज्य के विभिन्न स्कूलों और महाविद्यालयों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसमें नृत्य, गीत और कविताएँ शिक्षक को समर्पित थीं। कई संस्थानों ने प्रमाणपत्र, फूल और छोटे उपहारों के माध्यम से शिक्षकों को सराहा। कुछ जिलों में छात्रों ने शिक्षकों के महत्व पर आधारित छोटे भाषण और नाट्य प्रस्तुत किए।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि छात्रों और स्टाफ की सक्रिय भागीदारी सराहनीय है और इस तरह के कार्यक्रम शिक्षण पेशे के प्रति सम्मान को बढ़ाते हैं। उन्होंने स्कूलों से यह भी कहा कि शिक्षक दिवस के बाद भी सीखने और मार्गदर्शन के माहौल को कायम रखा जाए।
न्यूज़ ऑन एअर ने इन कार्यक्रमों की व्यापक भागीदारी को उजागर किया, जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के स्कूलों की समान उत्सुकता को दर्शाया गया, और यह बताया गया कि शिक्षक दिवस त्रिपुरा के भविष्य को आकार देने में शिक्षकों की अहम भूमिका की याद दिलाता है।