📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bdm166
राजनीति
त्रिपुरा के लीडर ऑफ ओपोजिशन जितेंद्र चौधरी ने भारत माता‑लॉर्ड राम के प्रतीकों के दुरुपयोग का आरोप लगाया
✍️ India Today NE
🗓 31 अग. 2026, 05:03 AM
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त्रिपुरा विधानसभा के लीडर ऑफ ओपोजिशन जितेंद्र चौधरी ने कहा कि भारत माता और भगवान राम के प्रतीकों का उपयोग विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है, यह भारत टुडे एनई ने बताया।
त्रिपुरा विधानसभा में लीडर ऑफ ओपोजिशन जितेंद्र चौधरी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल भारत माता और भगवान राम जैसे पवित्र प्रतीकों का उपयोग विरोधी आवाज़ों को दबाने के लिए कर रहे हैं। यह टिप्पणी उन्होंने एक प्रेस मीटिंग में की, जहाँ उन्होंने इन धार्मिक प्रतीकों को राजनीतिक intimidation के साधन बना दिया गया बताया।
चौधरी ने कहा कि ऐसे दुरुपयोग से धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक सिद्धांतों को नुकसान पहुँचता है और साम्प्रदायिक तनाव बढ़ता है। उन्होंने किसी विशेष व्यक्ति या पार्टी का नाम नहीं लिया, पर चेतावनी दी कि इस तरह की रणनीति जनता का राजनीति में भरोसा कम कर सकती है।
यह बयान भारत टुडे नॉर्थ ईस्ट ने रिपोर्ट किया, जो राज्य में धर्म और राजनीति के मिलन पर बढ़ती चिंताओं को उजागर करता है। अब तक आरोपित पक्षों से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह आरोप राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिकरण पर चल रहे बहस को दर्शाता है, विशेषकर आगामी चुनावी माहौल में।
यह मुद्दा नागरिक समाज संगठनों और चुनाव आयोग की निगरानी में रहेगा, जो चुनावी प्रचार में धार्मिक भावनाओं के प्रयोग को देखता है।
चौधरी ने कहा कि ऐसे दुरुपयोग से धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक सिद्धांतों को नुकसान पहुँचता है और साम्प्रदायिक तनाव बढ़ता है। उन्होंने किसी विशेष व्यक्ति या पार्टी का नाम नहीं लिया, पर चेतावनी दी कि इस तरह की रणनीति जनता का राजनीति में भरोसा कम कर सकती है।
यह बयान भारत टुडे नॉर्थ ईस्ट ने रिपोर्ट किया, जो राज्य में धर्म और राजनीति के मिलन पर बढ़ती चिंताओं को उजागर करता है। अब तक आरोपित पक्षों से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह आरोप राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिकरण पर चल रहे बहस को दर्शाता है, विशेषकर आगामी चुनावी माहौल में।
यह मुद्दा नागरिक समाज संगठनों और चुनाव आयोग की निगरानी में रहेगा, जो चुनावी प्रचार में धार्मिक भावनाओं के प्रयोग को देखता है।