📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sabuj Arjo
शिक्षा
त्रिपुरा हाई कोर्ट ने शिक्षक को एक साल की बाल देखभाल अवकाश दी
✍️ Northeast Today
🗓 20 अग. 2026, 02:36 PM
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त्रिपुरा हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग की देरी के बाद एक शिक्षक को एक साल का बाल देखभाल अवकाश देने का आदेश दिया।
त्रिपुरा हाई कोर्ट ने एक राज्य विद्यालय शिक्षक के बाल देखभाल अवकाश के आवेदन में देरी को देखते हुए एक साल का अवकाश देने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि शिक्षा विभाग ने शिक्षक की आवेदन प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से रोका, जिससे वैध अधिकारों का उल्लंघन हुआ।
निर्णय में यह स्पष्ट किया गया कि शिक्षक को सेवा नियमों के तहत निर्धारित बाल देखभाल अवकाश का पूरा अधिकार है और विभाग को इसे बिना किसी अतिरिक्त देरी के लागू करना होगा। यह एक साल का अवकाश शिक्षक को अपने छोटे बच्चे की देखभाल के साथ नौकरी की सुरक्षा भी प्रदान करेगा।
राज्य के शिक्षा विभाग को अब इस आदेश का तुरंत पालन करना होगा और भविष्य में समान मामलों में नियमों के अनुसार शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी।
निर्णय में यह स्पष्ट किया गया कि शिक्षक को सेवा नियमों के तहत निर्धारित बाल देखभाल अवकाश का पूरा अधिकार है और विभाग को इसे बिना किसी अतिरिक्त देरी के लागू करना होगा। यह एक साल का अवकाश शिक्षक को अपने छोटे बच्चे की देखभाल के साथ नौकरी की सुरक्षा भी प्रदान करेगा।
राज्य के शिक्षा विभाग को अब इस आदेश का तुरंत पालन करना होगा और भविष्य में समान मामलों में नियमों के अनुसार शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी।