📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Brendonmotom
धर्म
त्रिपुरा राज्यपाल ने गांधी जयंती समारोह का नेतृत्व किया, अहिंसा व पारदर्शिता की पुकार की
✍️ Tripuratimes
🗓 02 अक्टू. 2026, 03:46 PM
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त्रिपुरा के राज्यपाल ने गांधी जयंती समारोह का संचालन किया और नागरिकों से अहिंसा व पारदर्शिता के सिद्धांतों को दोबारा अपनाने का आह्वान किया।
त्रिपुरा के राज्यपाल ने 2 अक्टूबर को आयोजित आधिकारिक गांधी जयंती समारोह का संचालन किया, जिसमें महात्मा गांधी के जन्मदिवस को सम्मानित किया गया।
भाषण में राज्यपाल ने अहिंसा और पारदर्शिता के गांधी के मूल सिद्धांतों को दोबारा अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ये मूल्य सामाजिक सौहार्द और जवाबदेह शासन के लिए अत्यावश्यक हैं।
राज्यपाल का संदेश नागरिकों, अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं को इन सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन और नीति‑निर्धारण में सम्मिलित करने के लिए प्रेरित करने का था, जिससे गांधी की शिक्षाओं की आज की प्रासंगिकता स्पष्ट हो।
समारोह का समापन गांधी स्मारक पर शोक-संवेदना और पुष्पहार अर्पण के साथ हुआ, जो उनके योगदान के प्रति निरंतर सम्मान को दर्शाता है।
इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न अधिकारियों और समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर त्रिपुरा में गांधी के नैतिक ढाँचे को बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दोहराया।
भाषण में राज्यपाल ने अहिंसा और पारदर्शिता के गांधी के मूल सिद्धांतों को दोबारा अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ये मूल्य सामाजिक सौहार्द और जवाबदेह शासन के लिए अत्यावश्यक हैं।
राज्यपाल का संदेश नागरिकों, अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं को इन सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन और नीति‑निर्धारण में सम्मिलित करने के लिए प्रेरित करने का था, जिससे गांधी की शिक्षाओं की आज की प्रासंगिकता स्पष्ट हो।
समारोह का समापन गांधी स्मारक पर शोक-संवेदना और पुष्पहार अर्पण के साथ हुआ, जो उनके योगदान के प्रति निरंतर सम्मान को दर्शाता है।
इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न अधिकारियों और समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर त्रिपुरा में गांधी के नैतिक ढाँचे को बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दोहराया।