📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Dist
खानपान
त्रिपुरा के खाद्य मंत्री ने एसडीएम के साथ खाद्य सुरक्षा जागरूकता अभियान की समीक्षा की
✍️ India Today NE
🗓 29 सित. 2026, 02:17 AM
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त्रिपुरा के खाद्य मंत्री ने उपविभागीय मजिस्ट्रेटों के साथ राज्यव्यापी खाद्य‑सुरक्षा जागरूकता अभियान की प्रगति का आकलन किया, जिसमें किसानों की बढ़ती भागीदारी को उजागर किया।
त्रिपुरा के खाद्य मंत्री ने उपविभागीय मजिस्ट्रेटों (एसडीएम) के साथ मिलकर चल रहे खाद्य‑सुरक्षा जागरूकता अभियान की जमीनी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन क्षेत्रों का दौरा किया जहाँ किसानों और उपभोक्ताओं के लिए पोषण संबंधी दिशानिर्देश और सूचना सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि इस वर्ष की शुरुआत में शुरू किया गया यह अभियान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) जैसी सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने, संतुलित आहार और रेशन आवंटन की जानकारी देने पर केंद्रित है। प्रारंभिक आँकड़े दर्शाते हैं कि योजना में नामांकन में वृद्धि और पोषण मानकों की समझ में सुधार हुआ है।
एसडीएमों ने बताया कि स्थानीय स्वयंसेवकों ने ब्रोशर वितरित करके और दूरस्थ क्षेत्रों में घर‑घर जाकर जागरूकता फैलाने में मदद की है। मंत्री ने इस सहयोग की सराहना की और आगामी फसल मौसम से पहले लाभार्थियों तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी की अपील की।
समीक्षा के अंत में अभियान को अतिरिक्त जिलों में विस्तार करने और खाद्य‑अनाज वितरण को ट्रैक करने के लिए डिजिटल उपकरणों को शामिल करने की योजना बनाई गई, जिससे राज्य की खाद्य सुरक्षा प्रतिबद्धता मजबूत होगी।
मंत्री ने बताया कि इस वर्ष की शुरुआत में शुरू किया गया यह अभियान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) जैसी सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने, संतुलित आहार और रेशन आवंटन की जानकारी देने पर केंद्रित है। प्रारंभिक आँकड़े दर्शाते हैं कि योजना में नामांकन में वृद्धि और पोषण मानकों की समझ में सुधार हुआ है।
एसडीएमों ने बताया कि स्थानीय स्वयंसेवकों ने ब्रोशर वितरित करके और दूरस्थ क्षेत्रों में घर‑घर जाकर जागरूकता फैलाने में मदद की है। मंत्री ने इस सहयोग की सराहना की और आगामी फसल मौसम से पहले लाभार्थियों तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी की अपील की।
समीक्षा के अंत में अभियान को अतिरिक्त जिलों में विस्तार करने और खाद्य‑अनाज वितरण को ट्रैक करने के लिए डिजिटल उपकरणों को शामिल करने की योजना बनाई गई, जिससे राज्य की खाद्य सुरक्षा प्रतिबद्धता मजबूत होगी।