📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Commerce and Industry (India)
विदेश
वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल ने 4थी भारत‑सिंगापुर राउंडटेबल्स के लिए सिंगापुर रवाना
✍️ DD News
🗓 11 अक्टू. 2026, 03:19 AM
👁 18
वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल ने भारत‑सिंगापुर के चौथे मंत्री एवं व्यापार राउंडटेबल में भाग लेने के लिए सिंगापुर के लिए रवाना हो गए।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने भारत‑सिंगापुर के चौथे मंत्री एवं व्यापार राउंडटेबल में भाग लेने के लिए सिंगापुर की ओर प्रस्थान किया। यह द्विपक्षीय मंच दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग को गहरा करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
राउंडटेबल में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और व्यापार समूहों को एक साथ लाकर डिजिटल सेवाएँ, नवीकरणीय ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। आयोजकों का मानना है कि इस संवाद से व्यापार बाधाओं को कम करने और संयुक्त उद्यमों को प्रोत्साहित करने के ठोस प्रस्ताव तैयार होंगे।
गोयल का कार्यक्रम सिंगापुर के व्यापार मंत्री गान किम योंग के साथ द्विपक्षीय बैठक, विभिन्न सेक्टरों के पैनल और भारतीय‑सिंगापुरीय कंपनियों के बीच नेटवर्किंग सत्र शामिल करता है। यह 2020 में शुरू हुए पहले राउंडटेबल की निरंतरता है।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के मद्देनज़र यह बैठक भारत‑सिंगापुर व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, और इसके परिणाम आगामी व्यापार वार्ताओं और नीति सुधारों में परिलक्षित होंगे।
राउंडटेबल में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और व्यापार समूहों को एक साथ लाकर डिजिटल सेवाएँ, नवीकरणीय ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। आयोजकों का मानना है कि इस संवाद से व्यापार बाधाओं को कम करने और संयुक्त उद्यमों को प्रोत्साहित करने के ठोस प्रस्ताव तैयार होंगे।
गोयल का कार्यक्रम सिंगापुर के व्यापार मंत्री गान किम योंग के साथ द्विपक्षीय बैठक, विभिन्न सेक्टरों के पैनल और भारतीय‑सिंगापुरीय कंपनियों के बीच नेटवर्किंग सत्र शामिल करता है। यह 2020 में शुरू हुए पहले राउंडटेबल की निरंतरता है।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के मद्देनज़र यह बैठक भारत‑सिंगापुर व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, और इसके परिणाम आगामी व्यापार वार्ताओं और नीति सुधारों में परिलक्षित होंगे।