📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
शिक्षा
टाइम्स ऑफ इंडिया सोशल इम्पैक्ट समिट ने कहा, समावेशन को वास्तविक स्वामित्व में बदलना चाहिए
✍️ TOI India
🗓 06 सित. 2026, 07:48 AM
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टाइम्स ऑफ इंडिया के सोशल इम्पैक्ट समिट ने बताया कि समावेशन को केवल शब्द नहीं, बल्कि वास्तविक स्वामित्व में बदलना जरूरी है।
टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक सोशल इम्पैक्ट समिट आयोजित किया, जिसमें यह चर्चा की गई कि समावेशी नीतियों को वंचित वर्गों के वास्तविक स्वामित्व में कैसे बदला जा सकता है। वक्ताओं ने कहा कि केवल शब्दों में समावेशन पर्याप्त नहीं है, जब तक कि संसाधनों, निर्णय‑निर्धारण और आर्थिक लाभों पर वास्तविक नियंत्रण न हो। इस मंच पर सामाजिक उद्यमी, गैर‑सरकारी संगठनों और कॉरपोरेट प्रतिनिधियों ने प्रतीकात्मक समावेशन से वास्तविक सशक्तिकरण की ओर बदलाव के व्यावहारिक उपायों पर विचार किया। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य के कार्यक्रमों में स्वामित्व के तंत्र को शामिल करना आवश्यक है, ताकि सामाजिक परिवर्तन स्थायी हो सके।