📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Eugène Delacroix
स्थानीय
सीहोर में बाघ ने जंगल से शहर तक किया सफर, रेलवे ट्रैक पर दिखा, अवधपुरी में पदचिह्न मिले
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 06 अक्टू. 2026, 11:15 AM
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सीहोर में बाघ ने मंगलवार को मंडी, मुरली और अवधपुरी क्षेत्रों में घुसकर लोगों में हड़कंप मचा दिया, जहाँ गवाहों ने रेलवे ट्रैक के किनारे बाघ को चलते देखा और अवधपुरी में उसके पदचिह्न मिले।
जंगल से निकला बाघ मंगलवार सुबह सीहोर शहर में प्रवेश कर मंडी, मुरली और अवधपुरी क्षेत्रों में घूमता रहा, जिससे स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।
गवाहों ने बताया कि बाघ रेलवे ट्रैक के किनारे चल रहा था, जिससे वह जंगल की सीमा से शहर के भीतर आसानी से पहुँच पाया। अवधपुरी में बाघ के पदचिह्न और बैठने के निशान मिले, जो उसकी हालिया मौजूदगी की पुष्टि करते हैं।
स्थानीय प्रशासन, जिसमें वन विभाग शामिल है, को तुरंत सूचना दी गई और बाघ की गति पर नजर रखी जा रही है। लोगों को प्रभावित इलाकों से दूर रहने और घर में रहने की सलाह दी गई है, जब तक बाघ को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में वापस नहीं लाया जा सके।
यह घटना मध्य प्रदेश के तेजी से विकसित होते शहरों में वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व की चुनौतियों को उजागर करती है, जहाँ वन मार्ग अक्सर शहरी क्षेत्रों से मिलते हैं।
गवाहों ने बताया कि बाघ रेलवे ट्रैक के किनारे चल रहा था, जिससे वह जंगल की सीमा से शहर के भीतर आसानी से पहुँच पाया। अवधपुरी में बाघ के पदचिह्न और बैठने के निशान मिले, जो उसकी हालिया मौजूदगी की पुष्टि करते हैं।
स्थानीय प्रशासन, जिसमें वन विभाग शामिल है, को तुरंत सूचना दी गई और बाघ की गति पर नजर रखी जा रही है। लोगों को प्रभावित इलाकों से दूर रहने और घर में रहने की सलाह दी गई है, जब तक बाघ को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में वापस नहीं लाया जा सके।
यह घटना मध्य प्रदेश के तेजी से विकसित होते शहरों में वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व की चुनौतियों को उजागर करती है, जहाँ वन मार्ग अक्सर शहरी क्षेत्रों से मिलते हैं।