📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
राजनीति
तिब्बती सांसद टेनपा यार्पहेल और ग्याल्तसेन चोके गाग्या ने सिक्किम‑कालिम्पोंग यात्रा समाप्त
✍️ Central Tibetan Administration
🗓 24 अग. 2026, 09:09 PM
👁 23
तिब्बती सांसद टेनपा यार्पहेल और ग्याल्तसेन चोके गाग्या ने सेंट्रल तिब्बती प्रशासन के अनुसार सिक्किम और कालिम्पोंग की आधिकारिक यात्रा समाप्त की।
सेंट्रल तिब्बती प्रशासन ने बताया कि उसके दो सांसद, टेनपा यार्पहेल और ग्याल्तसेन चोके गाग्या, भारत के सिक्किम राज्य और पश्चिम बंगाल के कालिम्पोंग शहर की आधिकारिक यात्रा समाप्त कर चुके हैं। इस दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय सरकारी अधिकारियों, सांस्कृतिक नेताओं और तिब्बती प्रवासी समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जिसमें सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक कल्याण पर चर्चा हुई।
सिक्किम की राजधानी गंगटोक में, प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की पर्यटन पहलों पर ब्रीफ़िंग ली और हिमालयी विरासत स्थलों के संयुक्त प्रचार के संभावनाओं की जाँच की। उन्होंने उन मठों का भी दौरा किया जहाँ सिक्किमी और तिब्बती दोनों भिक्षु एक साथ प्रार्थना करते हैं, जिससे साझा धार्मिक परम्पराओं का महत्व उजागर हुआ।
कालिम्पोंग में यात्रा का अंतिम चरण समाप्त हुआ, जहाँ सांसदों ने तिब्बती शरणार्थियों और स्थानीय NGOs के साथ एक छोटी सभा में भाग लिया। चर्चा में शिक्षा सहायता, स्वास्थ्य सेवाएँ और कालिम्पोंग की तिब्बती प्रवासियों के लिए ऐतिहासिक द्वार के रूप में भूमिका शामिल थी। यात्रा के दौरान कोई असामान्य घटना नहीं हुई और CTA ने कहा कि वह अपने नेतृत्व को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
भविष्य में किसी और कार्यक्रम की अभी कोई घोषणा नहीं हुई है, पर प्रशासन ने भारतीय राज्यों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
सिक्किम की राजधानी गंगटोक में, प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की पर्यटन पहलों पर ब्रीफ़िंग ली और हिमालयी विरासत स्थलों के संयुक्त प्रचार के संभावनाओं की जाँच की। उन्होंने उन मठों का भी दौरा किया जहाँ सिक्किमी और तिब्बती दोनों भिक्षु एक साथ प्रार्थना करते हैं, जिससे साझा धार्मिक परम्पराओं का महत्व उजागर हुआ।
कालिम्पोंग में यात्रा का अंतिम चरण समाप्त हुआ, जहाँ सांसदों ने तिब्बती शरणार्थियों और स्थानीय NGOs के साथ एक छोटी सभा में भाग लिया। चर्चा में शिक्षा सहायता, स्वास्थ्य सेवाएँ और कालिम्पोंग की तिब्बती प्रवासियों के लिए ऐतिहासिक द्वार के रूप में भूमिका शामिल थी। यात्रा के दौरान कोई असामान्य घटना नहीं हुई और CTA ने कहा कि वह अपने नेतृत्व को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
भविष्य में किसी और कार्यक्रम की अभी कोई घोषणा नहीं हुई है, पर प्रशासन ने भारतीय राज्यों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।