📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Education
अपराध
अनूपपुर में प्रतिबंधात्मक आदेश तोड़ने पर पटवारी संघ के तीन पदाधिकारियों पर मामला दर्ज
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 10 अक्टू. 2026, 11:31 AM
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अनूपपुर कलेक्टरैट में प्रतिबंधात्मक आदेश के बावजूद ज्ञापन सौंपने पर पटवारी संघ के तीन पदाधिकारियों और अन्य पर एफआईआर दर्ज किया गया, जिससे संघ ने कार्रवाई पर सवाल उठाया।
अनूपपुर कलेक्टरैट में प्रतिबंधात्मक आदेश के बावजूद पटवारी संघ ने एक ज्ञापन सौंपा, जिससे आदेश का उल्लंघन हुआ। इस कार्रवाई के जवाब में पुलिस ने संघ के तीन वरिष्ठ पदाधिकारियों और कई अन्य व्यक्तियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की।
एफआईआर के अनुसार, इन अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से आदेश को नज़रअंदाज़ किया, जबकि आदेश का उद्देश्य किसी चल रहे कानूनी मुद्दे के कारण आधिकारिक संचार को रोकना था। संघ का कहना है कि उसने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) को व्हाट्सऐप पर पूर्व सूचना भेजी थी और एडीएम ने "ओके" जवाब देकर अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकृति दी थी।
एफआईआर में प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन को आपराधिक अपराध के रूप में दर्ज किया गया है और संघ के पदाधिकारियों के व्यवहार की औपचारिक जांच शुरू की गई है। यह मामला मध्य प्रदेश में न्यायालय के आदेशों के पालन को लेकर प्रशासनिक दिशा‑निर्देशों और सरकारी कर्मचारी संघों के बीच तनाव को उजागर करता है।
अधिकारी अभी तक संभावित दंड या जांच की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दे पाए हैं, पर यह मामला राज्य में आदेशों के कड़ाई से पालन पर एक सख्त संदेश देता है।
एफआईआर के अनुसार, इन अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से आदेश को नज़रअंदाज़ किया, जबकि आदेश का उद्देश्य किसी चल रहे कानूनी मुद्दे के कारण आधिकारिक संचार को रोकना था। संघ का कहना है कि उसने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) को व्हाट्सऐप पर पूर्व सूचना भेजी थी और एडीएम ने "ओके" जवाब देकर अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकृति दी थी।
एफआईआर में प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन को आपराधिक अपराध के रूप में दर्ज किया गया है और संघ के पदाधिकारियों के व्यवहार की औपचारिक जांच शुरू की गई है। यह मामला मध्य प्रदेश में न्यायालय के आदेशों के पालन को लेकर प्रशासनिक दिशा‑निर्देशों और सरकारी कर्मचारी संघों के बीच तनाव को उजागर करता है।
अधिकारी अभी तक संभावित दंड या जांच की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दे पाए हैं, पर यह मामला राज्य में आदेशों के कड़ाई से पालन पर एक सख्त संदेश देता है।