📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Navdeep Gusain
मौसम
तीन मानसून प्रणालियों से 26 राज्यों में भारी बारिश अलर्ट, उत्तराखंड-हिमाचल में चार दिन की बाढ़ की आशंका
✍️ Amar Ujala
🗓 30 अग. 2026, 10:37 AM
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भारतीय मौसम विभाग ने तीन मानसून प्रणालियों को सक्रिय कर 26 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की और उत्तराखंड‑हिमाचल में चार दिन की बाढ़ की संभावना जताई।
भारतीय मौसम विभाग ने तीन सक्रिय मानसून प्रणालियों की पहचान की है, जो उपमहाद्वीप में गति बना रही हैं। उपग्रह व सतही डेटा के आधार पर 26 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे आने वाले दिनों में व्यापक वर्षा की संभावना बढ़ गई है।
अलर्ट विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्र, अर्थात् उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश पर केंद्रित है, जहाँ इन प्रणालियों के मिलन से चार दिन तक लगातार तेज़ बारिश हो सकती है। दोनों राज्यों के अधिकारियों को बाढ़ नियंत्रण उपाय सक्रिय करने, नदी के स्तर की करीबी निगरानी करने और पहाड़ी बस्तियों के निकासी योजनाओं को तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमें तत्पर हैं, और मौसम विभाग ने निवासियों से आधिकारिक बुलेटिन पर नजर रखने, निचले क्षेत्रों से दूर रहने और संभावित भूस्खलन व फ्लैश बाढ़ से बचाव के लिए संपत्ति सुरक्षित करने की अपील की है।
बाकी प्रभावित राज्यों को भी स्थानीय स्तर पर भारी बारिश का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि तीव्रता में अंतर हो सकता है। जैसे ही प्रणालियों का विकास होता रहेगा, विभाग निरंतर निगरानी करेगा।
स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त अपडेट जारी किए जाएंगे, और जनता से अनुरोध है कि वे अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षा उपायों में सहयोग दें।
अलर्ट विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्र, अर्थात् उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश पर केंद्रित है, जहाँ इन प्रणालियों के मिलन से चार दिन तक लगातार तेज़ बारिश हो सकती है। दोनों राज्यों के अधिकारियों को बाढ़ नियंत्रण उपाय सक्रिय करने, नदी के स्तर की करीबी निगरानी करने और पहाड़ी बस्तियों के निकासी योजनाओं को तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमें तत्पर हैं, और मौसम विभाग ने निवासियों से आधिकारिक बुलेटिन पर नजर रखने, निचले क्षेत्रों से दूर रहने और संभावित भूस्खलन व फ्लैश बाढ़ से बचाव के लिए संपत्ति सुरक्षित करने की अपील की है।
बाकी प्रभावित राज्यों को भी स्थानीय स्तर पर भारी बारिश का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि तीव्रता में अंतर हो सकता है। जैसे ही प्रणालियों का विकास होता रहेगा, विभाग निरंतर निगरानी करेगा।
स्थिति बिगड़ने पर अतिरिक्त अपडेट जारी किए जाएंगे, और जनता से अनुरोध है कि वे अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षा उपायों में सहयोग दें।