बिज़नेस
दिल्ली: मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम से कॉपर आयात पर सब्सिडी रोधी शुल्क समीक्षा शुरू
भारत सरकार ने मलेशिया, थाईलैंड और वियतनाम से आयातित कॉपर ट्यूब और पाइप पर सब्सिडी रोधी शुल्क (CVD) को जारी रखने की समीक्षा शुरू की है। यह समीक्षा भारतीय उद्योग को संभावित नुकसान से बचाने के लिए की जा रही है।
नई दिल्ली: वाणिज्य विभाग के तहत कार्यरत डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) ने मलेशिया, थाईलैंड और वियतनाम से आयातित कॉपर ट्यूब और पाइप पर सब्सिडी रोधी शुल्क (CVD) को जारी रखने के लिए सनसेट रिव्यू जांच शुरू की है। यह जांच राम रत्ना वायर्स और मेटट्यूब कॉपर इंडिया द्वारा दायर एक याचिका के जवाब में शुरू की गई है।
इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि क्या इन देशों से सब्सिडी वाले कॉपर उत्पादों का आयात जारी रहने पर भारतीय घरेलू उद्योग को नुकसान हो सकता है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि शुल्क हटा दिए जाने पर घरेलू उद्योग को क्षति पहुंचेगी, तो मौजूदा शुल्क को आगे बढ़ाया जा सकता है।
वर्तमान में, कॉपर ट्यूब और पाइप पर लागू सब्सिडी रोधी शुल्क 27 अप्रैल 2027 तक प्रभावी है। इन उत्पादों का उपयोग मुख्य रूप से एयर कंडीशनिंग (AC) और रेफ्रिजरेशन सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक अनुप्रयोगों में किया जाता है। DGTR की यह जांच भारतीय निर्माताओं के हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि क्या इन देशों से सब्सिडी वाले कॉपर उत्पादों का आयात जारी रहने पर भारतीय घरेलू उद्योग को नुकसान हो सकता है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि शुल्क हटा दिए जाने पर घरेलू उद्योग को क्षति पहुंचेगी, तो मौजूदा शुल्क को आगे बढ़ाया जा सकता है।
वर्तमान में, कॉपर ट्यूब और पाइप पर लागू सब्सिडी रोधी शुल्क 27 अप्रैल 2027 तक प्रभावी है। इन उत्पादों का उपयोग मुख्य रूप से एयर कंडीशनिंग (AC) और रेफ्रिजरेशन सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक अनुप्रयोगों में किया जाता है। DGTR की यह जांच भारतीय निर्माताओं के हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।