स्वास्थ्य
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कैबिनेट के दो अहम फैसले, 854 सड़कों पर होगी मैकेनिकल सफाई
IIT दिल्ली के सहयोग से PM2.5 और PM10 की 24 घंटे रियल-टाइम निगरानी, प्रदूषण के स्रोत पर होगी कार्रवाई
नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार ने 29 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में दो महत्वपूर्ण फैसले लिए। इन फैसलों का उद्देश्य सड़कों पर जमा धूल को नियंत्रित करने के साथ-साथ प्रदूषण के स्रोतों की रियल-टाइम निगरानी कर उसके आधार पर प्रभावी कार्रवाई करना है। कैबिनेट के फैसले के अनुसार, दिल्ली की छोटी सड़कों पर जमा होने वाली धूल की नियमित सफाई के लिए 30 इलेक्ट्रिक (EV) मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें तैनात की जाएंगी। यह व्यवस्था दिल्ली के 250 वार्डों की 854 सड़कों तक सफाई सुविधा पहुंचाने में मदद करेगी। इससे सड़क किनारे और सड़कों पर जमा धूल को नियमित रूप से हटाकर वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही IIT दिल्ली के सहयोग से PM2.5 और PM10 प्रदूषकों की 24 घंटे रियल-टाइम निगरानी की जाएगी। इस व्यवस्था के जरिए यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि दिल्ली में प्रदूषण किन स्रोतों से और कितनी मात्रा में उत्पन्न हो रहा है। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर प्रदूषण के स्रोतों पर केंद्रित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
सरकार की ओर से कहा गया है कि दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाना प्राथमिकता है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए विज्ञान और तकनीक के साथ-साथ जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि स्वच्छ हवा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वर्षभर 365 दिन, 24x7 काम किया जा रहा है।
सरकार की ओर से कहा गया है कि दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाना प्राथमिकता है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए विज्ञान और तकनीक के साथ-साथ जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि स्वच्छ हवा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वर्षभर 365 दिन, 24x7 काम किया जा रहा है।