📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Syced
विज्ञान
तेलंगाना में पलापिट्टा पक्षी का आवास घटने से खतरे में
✍️ INDToday
🗓 05 अक्टू. 2026, 01:46 AM
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संरक्षक चेतावनी देते हैं कि तेलंगाना के मूल पलापिट्टा पक्षी का आवास तेजी से घटने से वह खतरे में है।
तेलंगाना के मूल पलापिट्टा पक्षी को अपने पारम्परिक आवास के सिकुड़ने से बढ़ता खतरा झेलना पड़ रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी विस्तार और कृषि गतिविधियों के तेज़ी से बढ़ने से wetlands और वन क्षेत्रों में कमी आई है, जहाँ यह पक्षी प्रजनन और भोजन करता है।
स्थानीय वन्यजीव समूहों ने बताया कि इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों की हानि प्रजनन स्थल और खाद्य स्रोतों को घटा रही है, जिससे पलापिट्टा का जोखिम बढ़ रहा है। जबकि सटीक जनसंख्या आँकड़े अभी उपलब्ध नहीं हैं, आवास के सिकुड़ने की प्रवृत्ति हालिया फील्ड अवलोकनों से स्पष्ट है।
प्राधिकरणों और NGOs से आग्रह किया गया है कि पलापिट्टा की जरूरतों को भूमि‑उपयोग योजना में शामिल किया जाए और आवास पुनर्स्थापना परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाए। मौजूदा wetlands की सुरक्षा और कृत्रिम घोंसले बनाकर संरक्षण उपायों पर चर्चा चल रही है।
स्थानीय वन्यजीव समूहों ने बताया कि इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों की हानि प्रजनन स्थल और खाद्य स्रोतों को घटा रही है, जिससे पलापिट्टा का जोखिम बढ़ रहा है। जबकि सटीक जनसंख्या आँकड़े अभी उपलब्ध नहीं हैं, आवास के सिकुड़ने की प्रवृत्ति हालिया फील्ड अवलोकनों से स्पष्ट है।
प्राधिकरणों और NGOs से आग्रह किया गया है कि पलापिट्टा की जरूरतों को भूमि‑उपयोग योजना में शामिल किया जाए और आवास पुनर्स्थापना परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाए। मौजूदा wetlands की सुरक्षा और कृत्रिम घोंसले बनाकर संरक्षण उपायों पर चर्चा चल रही है।