📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Batthini Vinay Kumar Goud
राजनीति
तेलंगाना में रोहित वेमुला बिल का मसौदा तैयार करने का लक्ष्य तीन महीने में
✍️ Telangana Today
🗓 17 अक्टू. 2026, 06:36 AM
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तेलंगाना सरकार ने बताया कि वह अगले तीन महीनों में रोहित वेमुला बिल का मसौदा तैयार करेगी, जिससे छात्र समुदाय की चिंताओं को सुलझाने की कोशिश होगी।
हैदराबाद, १७ अक्टूबर (रॉयटर्स) – तेलंगाना सरकार ने रोहित वेमुला बिल का मसौदा तैयार करने के लिए तीन महीने की समयसीमा तय की है, यह घोषणा सोमवार को अधिकारियों ने की। यह विधेयक सामाजिक रूप से वंचित वर्ग के छात्रों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है, जो २०१६ में छात्र रोहित वेमुला की मृत्यु के बाद से उठी मांगों को प्रतिबिंबित करता है।
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कानूनी सलाहकारों की टीम विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों, नागरिक समाज समूहों और प्रभावित छात्रों के परिवारों से परामर्श करेगी। सूत्रों के अनुसार, मसौदा शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने, गैर‑भेदभावपूर्ण प्रवेश नीति सुनिश्चित करने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को वित्तीय सहायता प्रदान करने पर केंद्रित होगा।
सरकार ने अभी तक बिल की विस्तृत सामग्री नहीं बताई, पर यह कहा कि यह पहल एक समावेशी शैक्षणिक माहौल बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मसौदा राज्य मंत्रिमंडल को प्रस्तुत किया जाएगा, उसके बाद तेलंगाना विधानसभा में चर्चा के लिए पेश किया जाएगा।
हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, जबकि कुछ वकालत समूहों ने कहा है कि अंतिम कानून को प्रभावी कार्यान्वयन के साथ होना चाहिए।
तेलंगाना प्रशासन का लक्ष्य है कि जनवरी 2027 के अंत तक मसौदा तैयार हो जाए, जिसके बाद विधेयक को विधायी जांच और सार्वजनिक परामर्श के चरणों से गुज़रना होगा।
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कानूनी सलाहकारों की टीम विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों, नागरिक समाज समूहों और प्रभावित छात्रों के परिवारों से परामर्श करेगी। सूत्रों के अनुसार, मसौदा शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने, गैर‑भेदभावपूर्ण प्रवेश नीति सुनिश्चित करने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को वित्तीय सहायता प्रदान करने पर केंद्रित होगा।
सरकार ने अभी तक बिल की विस्तृत सामग्री नहीं बताई, पर यह कहा कि यह पहल एक समावेशी शैक्षणिक माहौल बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मसौदा राज्य मंत्रिमंडल को प्रस्तुत किया जाएगा, उसके बाद तेलंगाना विधानसभा में चर्चा के लिए पेश किया जाएगा।
हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, जबकि कुछ वकालत समूहों ने कहा है कि अंतिम कानून को प्रभावी कार्यान्वयन के साथ होना चाहिए।
तेलंगाना प्रशासन का लक्ष्य है कि जनवरी 2027 के अंत तक मसौदा तैयार हो जाए, जिसके बाद विधेयक को विधायी जांच और सार्वजनिक परामर्श के चरणों से गुज़रना होगा।