📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / రహ్మానుద్దీన్
कृषि
तेलंगाना में चावल की कीमतें बढ़ीं, एल नीनो की चिंता ने मारी धक्का
✍️ Hyderabad Mail
🗓 29 सित. 2026, 12:02 PM
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एल नीनो के संभावित सूखे की चिंता से तेलंगाना में चावल की कीमतें तेज़ी से बढ़ी, जिससे खरीदारों और व्यापारियों में चिंता बढ़ी।
हैदराबाद के चावल के व्यापारियों ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा एल नीनो की संभावना जताने के बाद थोक और खुदरा दोनों स्तरों पर चावल की कीमतों में स्पष्ट बढ़ोतरी देखी गई है। यह उछाल मंडा मार्केट और कोठापेट अनाज मंडी जैसे प्रमुख बाजारों में महसूस किया गया, जहाँ खरीदारों ने बजट में कमी का उल्लेख किया।
मौसम विभाग ने इस साल एल नीनो के कारण डेक्कन पठार में वर्षा कम होने की संभावना जताई है, जो तेलंगाना के धान उत्पादन को सीधे प्रभावित कर सकता है। इस संभावित सूखे के कारण किसानों में चिंता बढ़ी है और यह बाजार में अस्थिरता का कारण बन रहा है।
स्थानीय थोक विक्रेताओं ने कहा कि कीमतों में वृद्धि, यद्यपि सार्वजनिक रूप से कोई आंकड़ा नहीं दिया गया, लेकिन कम आय वाले परिवारों की चावल की खपत पर असर डाल रही है, क्योंकि चावल उनके मुख्य आहार में शामिल है। उपभोक्ता संगठनों ने राज्य सरकार से स्थिति को निकटता से देखने और यदि मौसम की भविष्यवाणी बिगड़ती है तो अनाज वितरण में सब्सिडी जैसी राहत उपायों की मांग की है।
अब तक राज्य अधिकारियों ने कोई विशेष कदम नहीं बताया, पर कृषि विभाग ने कहा कि वह बाजार की प्रवृत्तियों पर नजर रखेगा और यदि अनुमानित सूखा वास्तविक हो तो खाद्य निगम के साथ मिलकर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना बना रहा है।
मौसम विभाग ने इस साल एल नीनो के कारण डेक्कन पठार में वर्षा कम होने की संभावना जताई है, जो तेलंगाना के धान उत्पादन को सीधे प्रभावित कर सकता है। इस संभावित सूखे के कारण किसानों में चिंता बढ़ी है और यह बाजार में अस्थिरता का कारण बन रहा है।
स्थानीय थोक विक्रेताओं ने कहा कि कीमतों में वृद्धि, यद्यपि सार्वजनिक रूप से कोई आंकड़ा नहीं दिया गया, लेकिन कम आय वाले परिवारों की चावल की खपत पर असर डाल रही है, क्योंकि चावल उनके मुख्य आहार में शामिल है। उपभोक्ता संगठनों ने राज्य सरकार से स्थिति को निकटता से देखने और यदि मौसम की भविष्यवाणी बिगड़ती है तो अनाज वितरण में सब्सिडी जैसी राहत उपायों की मांग की है।
अब तक राज्य अधिकारियों ने कोई विशेष कदम नहीं बताया, पर कृषि विभाग ने कहा कि वह बाजार की प्रवृत्तियों पर नजर रखेगा और यदि अनुमानित सूखा वास्तविक हो तो खाद्य निगम के साथ मिलकर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना बना रहा है।