📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Information and Public Relations Department, Gover
मौसम
तेजस्वी यादव ने केंद्र से बिहार बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया
✍️ Telangana Today
🗓 08 सित. 2026, 10:18 AM
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आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार से बिहार में चल रही बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया, त्वरित सहायता की मांग की।
राष्ट्रवादी जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख तेजस्वी यादव ने बिहार में वर्तमान बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के लिए केंद्र सरकार से त्वरित सहायता का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि लगातार तेज़ बारिश ने कई जिलों में जल स्तर बढ़ा दिया है, जिससे हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है और जीवनयापन पर गंभीर असर पड़ा है।
यादव ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा की घोषणा से केंद्र के फंड तुरंत उपलब्ध हो जाएंगे, राहत टीमों की त्वरित तैनाती संभव होगी और बचाव कार्यों का समन्वय बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि राज्य की सीमित संसाधन इस आपदा को अकेले संभाल नहीं पाएंगे।
यह अपील तब आई है जब जिला अधिकारियों द्वारा जल स्तर, बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और प्रभावित लोगों की स्थिति का आकलन जारी है। राज्य ने पहले ही राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से सहायता मांगी है, पर यादव का मानना है कि औपचारिक राष्ट्रीय आपदा घोषणा ही व्यापक राहत के लिए आवश्यक है।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय से इस अनुरोध पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की, यह कहते हुए कि त्वरित कदमों से जीवन की हानि को रोका जा सकता है और पुनर्वास कार्य तेज़ी से शुरू हो सकते हैं।
यह मांग भारत में बढ़ती जलवायु‑संबंधी आपदाओं के सामने केंद्र की प्रतिक्रिया को तेज़ करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
यादव ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा की घोषणा से केंद्र के फंड तुरंत उपलब्ध हो जाएंगे, राहत टीमों की त्वरित तैनाती संभव होगी और बचाव कार्यों का समन्वय बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि राज्य की सीमित संसाधन इस आपदा को अकेले संभाल नहीं पाएंगे।
यह अपील तब आई है जब जिला अधिकारियों द्वारा जल स्तर, बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और प्रभावित लोगों की स्थिति का आकलन जारी है। राज्य ने पहले ही राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से सहायता मांगी है, पर यादव का मानना है कि औपचारिक राष्ट्रीय आपदा घोषणा ही व्यापक राहत के लिए आवश्यक है।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय से इस अनुरोध पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की, यह कहते हुए कि त्वरित कदमों से जीवन की हानि को रोका जा सकता है और पुनर्वास कार्य तेज़ी से शुरू हो सकते हैं।
यह मांग भारत में बढ़ती जलवायु‑संबंधी आपदाओं के सामने केंद्र की प्रतिक्रिया को तेज़ करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।