📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat - India
शिक्षा
तमिल विद्वान सॉलोमन पप्पैया, प्रसिद्ध पत्तिमंडल वक्ता, 90 की उम्र में निधन
✍️ The New Indian Express
🗓 12 सित. 2026, 04:38 AM
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तमिल भाषा के वरिष्ठ विद्वान और प्रसिद्ध पत्तिमंडल वक्ता सॉलोमन पप्पैया का 90 साल की उम्र में निधन हो गया, जैसा कि द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने बताया।
सॉलोमन पप्पैया, तमिल साहित्य के प्रख्यात विद्वान और पत्तिमंडल मंच के जाने‑माने वक्ता, 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कई दशकों तक चलने वाले उनके करियर में उन्होंने सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विषयों पर स्पष्ट व प्रभावशाली बहसों से लोगों का दिल जीता, और तमिलनाडु व विदेशों में उनका सम्मान बढ़ा।
पप्पैया ने केवल मंच पर ही नहीं, बल्कि तमिल भाषा और संस्कृति पर कई पुस्तकें लिखी और कई युवा वक्ताओं को मार्गदर्शन दिया, जिनसे उनका विचारधारा आज भी जीवित है। टेलीविजन और लाइव कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी ने युवा वर्ग में तमिल बौद्धिक परम्परा को लोकप्रिय बनाया।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने इस खबर की पुष्टि की, जिसमें उनके विद्वता और सार्वजनिक भाषण में योगदान को उजागर किया गया। सांस्कृतिक संगठनों, सहकर्मी विद्वानों और प्रशंसकों ने उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की, यह मानते हुए कि उन्होंने तमिल विरासत को संरक्षित करने में अहम भूमिका निभाई।
अंत्येष्टि संबंधी विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं, पर तमिल साहित्यिक समुदाय शोक में डूबा हुआ है और पप्पैया के जीवन‑कार्य को याद कर रहा है।
पप्पैया ने केवल मंच पर ही नहीं, बल्कि तमिल भाषा और संस्कृति पर कई पुस्तकें लिखी और कई युवा वक्ताओं को मार्गदर्शन दिया, जिनसे उनका विचारधारा आज भी जीवित है। टेलीविजन और लाइव कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी ने युवा वर्ग में तमिल बौद्धिक परम्परा को लोकप्रिय बनाया।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने इस खबर की पुष्टि की, जिसमें उनके विद्वता और सार्वजनिक भाषण में योगदान को उजागर किया गया। सांस्कृतिक संगठनों, सहकर्मी विद्वानों और प्रशंसकों ने उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की, यह मानते हुए कि उन्होंने तमिल विरासत को संरक्षित करने में अहम भूमिका निभाई।
अंत्येष्टि संबंधी विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं, पर तमिल साहित्यिक समुदाय शोक में डूबा हुआ है और पप्पैया के जीवन‑कार्य को याद कर रहा है।