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नए व्यापार समझौते के बाद तमिलनाडु के वस्त्र उद्योग ने यूरोप‑यूके को बनाया लक्ष्य
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
बिज़नेस

नए व्यापार समझौते के बाद तमिलनाडु के वस्त्र उद्योग ने यूरोप‑यूके को बनाया लक्ष्य

✍️ DD News 🗓 26 अग. 2026, 01:23 PM 👁 62
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राज्य के वस्त्र निर्माताओं ने हालिया व्यापार समझौतों के चलते यूरोप और यूके को निर्यात लक्ष्य बनाया है।

तमिलनाडु, भारत का प्रमुख वस्त्र केंद्र, यूरोप और ब्रिटेन के बाजारों की ओर रुख कर रहा है, क्योंकि नई व्यापार समझौतों ने टैरिफ में कमी और कस्टम प्रक्रिया को सरल बना दिया है। उद्योग के प्रतिनिधियों के अनुसार, यूरोपीय संघ‑भारत और यूके‑भारत समझौते तमिलनाडु के कपास, रेशम और सिंथेटिक कपड़े निर्माताओं को निर्यात बढ़ाने का अवसर प्रदान करेंगे।

निर्यातक अब यूरोपीय मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने, तकनीकी अपग्रेड में निवेश करने और कठोर गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त करने पर काम कर रहे हैं। टैरिफ में संभावित कमी तमिलनाडु के वस्त्रों को बांग्लादेश और वियतनाम के प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अधिक किफायती बना सकती है।

तमिलनाडु हैंडलूम और हैंडिक्राफ्ट्स विकास निगम ने भारतीय उद्योग परिसंघ की वस्त्र शाखा के साथ मिलकर यूरोपीय खरीदारों से जुड़ने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह नई दिशा राज्य की अर्थव्यवस्था में वस्त्र क्षेत्र का योगदान बढ़ा सकती है, हालांकि वैश्विक आर्थिक स्थितियों पर निर्भरता बनी रहेगी।

विश्लेषकों ने यह भी कहा कि नीति माहौल अनुकूल है, परन्तु शिपिंग लागत और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता जैसे लॉजिस्टिक मुद्दों को सुलझाना आवश्यक होगा, तभी निर्यातकों को इस अवसर का पूरा लाभ मिल सकेगा।
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