टोल वसूलने मे ं आगे, मरम्मत के नाम पर महज सिर्फ खानापूर्ति, 15-30 किमी के दायरे में वसूल रहे टोल
गंगापुर सिटी चारों ओर से हाइवे से जुड़ा है। इनम े ं जयपुर से लालसोट, गंगापुर होते हुए करौली-ग्वालियर तक एनएच-23 बना हुआ है, वही ं भाडौती से गंगापुर होते हुए मथुरा तक मेगा हाइवे है। इनम े ं भाडौती से गंगापुर सिटी और गंगापुर सिटी से बाया हिंडौन-मथुरा मार्ग पर चंद फांसलो ं पर सड़क मे ं बड़े-बड़ े गड्ढ े ही दिखाई देते हैं। इन गड्डों में आवागमन करना न केवल असुविधाजनक है, बल्कि ये दुर्घटनाओं को खुला न्यौता दे
रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि नियमो ं के मुताबिक 60
किलोमीटर के दायरे में टोल होना चाहिए, लेकिन यहा ं नियमों को ताक पर रखकर कहीं 30 तो कही ं मात्र 15 किमी की दूरी पर ही टोल बनाकर वर्षों से अंधाधुंध टैक्स वसूला जा रहा है। सरकार टैक्स तो वसूल रही है, लेकिन सड़कों की मरम्मत पर कोई ध्यान नही ं दिया जा रहा है।
लागत निकलने के बाद भी वसूली, मरम्मत ठपः सार्वजनिक निर्माण विभाग के सूत्रों के अनुसार, एक किलोमीटर सड़क निर्माण पर करीब सवा करोड रुपए की लागत आती है। भाडौती से गंगापुर तक करीब 55 करोड़ और गंगापुर से हिंडौन (45 किमी) मार्ग पर करीब 60 करोड़ रुपए खर्च किए
रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि नियमो ं के मुताबिक 60
किलोमीटर के दायरे में टोल होना चाहिए, लेकिन यहा ं नियमों को ताक पर रखकर कहीं 30 तो कही ं मात्र 15 किमी की दूरी पर ही टोल बनाकर वर्षों से अंधाधुंध टैक्स वसूला जा रहा है। सरकार टैक्स तो वसूल रही है, लेकिन सड़कों की मरम्मत पर कोई ध्यान नही ं दिया जा रहा है।
लागत निकलने के बाद भी वसूली, मरम्मत ठपः सार्वजनिक निर्माण विभाग के सूत्रों के अनुसार, एक किलोमीटर सड़क निर्माण पर करीब सवा करोड रुपए की लागत आती है। भाडौती से गंगापुर तक करीब 55 करोड़ और गंगापुर से हिंडौन (45 किमी) मार्ग पर करीब 60 करोड़ रुपए खर्च किए