स्थानीय
टीकमगढ़ में सेवा संकल्प अभियान के तहत 50 सैनिकों और उनके परिजनों का सम्मान
टीकमगढ़ के पीजी कॉलेज में आयोजित एक गरिमामय समारोह में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय द्वारा लगभग 50 सैनिकों और उनके परिजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान राष्ट्रसेवा में उनके त्याग, शौर्य और समर्पण को नमन किया गया।
सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय टीकमगढ़ ने पीजी कॉलेज में सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में लगभग 50 सैनिकों और उनके परिजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सैनिकों के त्याग, समर्पण, शौर्य और राष्ट्रसेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई, साथ ही उनके परिवारों के महत्वपूर्ण योगदान को भी सराहा गया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री राकेश गिरी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत और अपर कलेक्टर श्री शिवप्रसाद मंडराह सहित जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने सैनिकों एवं उनके परिजनों का सम्मान करते हुए देश की सुरक्षा में उनके अमूल्य योगदान के प्रति गहरा आदर व्यक्त किया। श्रीमती सरोज राजपूत ने कहा कि सैनिकों के साथ-साथ उनके परिवारों का त्याग, धैर्य और समर्पण भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि सेना का सम्मान ही देश का सम्मान है। उन्होंने रेखांकित किया कि सैनिक जहां देश की रक्षा करते हैं, वहीं उनके परिजन भी धैर्य और विश्वास के साथ परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए राष्ट्रसेवा में सहभागी बनते हैं।
पूर्व विधायक श्री राकेश गिरी ने भारतीय सेना के साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि सैनिक कठिन परिस्थितियों में भी सीमाओं की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, जिससे देशवासी सुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि सैनिक अपने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हैं और उनका यह समर्पण प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत है। अपर कलेक्टर श्री शिवप्रसाद मंडराह ने भी सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और सैनिकों के कल्याण, उनके योगदान की पहचान तथा उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता के महत्व को रेखांकित किया।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए भारत सरकार, मध्यप्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उपस्थित अतिथियों का सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान एवं सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सैनिकों के समर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम है, और उन्होंने जिले के नागरिकों से सैनिकों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना बनाए रखने का आह्वान किया। इस आयोजन ने राष्ट्रसेवा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति के मूल्यों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सैनिक परिवारों के योगदान को सम्मान प्रदान किया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्री राकेश गिरी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत और अपर कलेक्टर श्री शिवप्रसाद मंडराह सहित जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने सैनिकों एवं उनके परिजनों का सम्मान करते हुए देश की सुरक्षा में उनके अमूल्य योगदान के प्रति गहरा आदर व्यक्त किया। श्रीमती सरोज राजपूत ने कहा कि सैनिकों के साथ-साथ उनके परिवारों का त्याग, धैर्य और समर्पण भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि सेना का सम्मान ही देश का सम्मान है। उन्होंने रेखांकित किया कि सैनिक जहां देश की रक्षा करते हैं, वहीं उनके परिजन भी धैर्य और विश्वास के साथ परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए राष्ट्रसेवा में सहभागी बनते हैं।
पूर्व विधायक श्री राकेश गिरी ने भारतीय सेना के साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि सैनिक कठिन परिस्थितियों में भी सीमाओं की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, जिससे देशवासी सुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि सैनिक अपने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हैं और उनका यह समर्पण प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत है। अपर कलेक्टर श्री शिवप्रसाद मंडराह ने भी सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और सैनिकों के कल्याण, उनके योगदान की पहचान तथा उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता के महत्व को रेखांकित किया।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश कुमार सिंह (सेवानिवृत्त) ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए भारत सरकार, मध्यप्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उपस्थित अतिथियों का सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान एवं सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सैनिकों के समर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम है, और उन्होंने जिले के नागरिकों से सैनिकों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना बनाए रखने का आह्वान किया। इस आयोजन ने राष्ट्रसेवा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति के मूल्यों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सैनिक परिवारों के योगदान को सम्मान प्रदान किया।