स्वास्थ्य
टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय में विश्व पैलिएटिव केयर दिवस पर स्वास्थ्य शिविर, कैंसर मरीजों को मिला परामर्श
विश्व पैलिएटिव केयर दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कैंसर मरीजों की स्क्रीनिंग, उपचार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने हेतु परामर्श दिया गया।
विश्व पैलिएटिव केयर दिवस के उपलक्ष्य में तथा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शनिवार को जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ में राष्ट्रीय पैलिएटिव देखभाल कार्यक्रम के तहत एक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित चौधरी और सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना था।
शिविर में जिला कैंसर नोडल अधिकारी डॉ. डी.एस. भदौरिया ने कैंसर मरीजों की ओपीडी स्क्रीनिंग की और उन्हें उपचार व आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। डॉ. दिनकर राठौर, डॉ. धीरेंद्र यादव, डॉ. अरविंद सिंह और डॉ. वरदत जैन ने भी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर परामर्श प्रदान किया।
शिविर के दौरान ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, सीएमएल (ब्लड कैंसर), लंग कैंसर और ओवरी कैंसर से संबंधित मरीजों को विशेष चिकित्सकीय सलाह दी गई। उन्हें संतुलित व पौष्टिक आहार अपनाने तथा स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने की अहमियत बताई गई। साथ ही, तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए इनसे दूर रहने की समझाइश दी गई।
शिविर में एक ओवरी कैंसर से पीड़ित मरीज में खून की कमी पाए जाने पर तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती कर रक्त चढ़ाने (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे मरीज को त्वरित उपचार मिल सका।
शिविर में जिला कैंसर नोडल अधिकारी डॉ. डी.एस. भदौरिया ने कैंसर मरीजों की ओपीडी स्क्रीनिंग की और उन्हें उपचार व आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। डॉ. दिनकर राठौर, डॉ. धीरेंद्र यादव, डॉ. अरविंद सिंह और डॉ. वरदत जैन ने भी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर परामर्श प्रदान किया।
शिविर के दौरान ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, सीएमएल (ब्लड कैंसर), लंग कैंसर और ओवरी कैंसर से संबंधित मरीजों को विशेष चिकित्सकीय सलाह दी गई। उन्हें संतुलित व पौष्टिक आहार अपनाने तथा स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने की अहमियत बताई गई। साथ ही, तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए इनसे दूर रहने की समझाइश दी गई।
शिविर में एक ओवरी कैंसर से पीड़ित मरीज में खून की कमी पाए जाने पर तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती कर रक्त चढ़ाने (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे मरीज को त्वरित उपचार मिल सका।