📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Dpenguinman
बिज़नेस
सुज़लॉन ने गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में एआई‑संचालित पवन ब्लेड कारखानों के लिए 550 करोड़ रुपये निवेश की घोषणा
✍️ The Economic Times
🗓 11 अक्टू. 2026, 01:02 PM
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नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी सुज़लॉन ने गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में एआई‑संचालित पवन ब्लेड कारखानों के लिए 550 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की।
सुज़लॉन, जो पवन टरबाइन निर्माण में अग्रणी है, ने बताया कि वह गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में एआई‑संचालित पवन ब्लेड कारखाने स्थापित करने के लिए 550 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। यह कदम कंपनी के घरेलू उत्पादन नेटवर्क को काफी विस्तारित करेगा।
एआई‑सक्षम सुविधाएँ ब्लेड की सटीकता बढ़ाने, कच्चे माल की बर्बादी कम करने और उत्पादन समय को घटाने में मदद करेंगी, जिससे टरबाइन की लागत प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा। प्रत्येक कारखाने की वार्षिक उत्पादन क्षमता कई लाख ब्लेड की होगी, जो घरेलू परियोजनाओं और निर्यात दोनों को सपोर्ट करेगी।
यह निवेश भारत के 2030 नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य को पूरा करने के लिए उठाया गया कदम है। स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाकर सुज़लॉन तीनों राज्यों में रोजगार सृजन करेगा और बढ़ती पवन ऊर्जा मांग को पूरा करेगा। कंपनी ने बताया कि सभी नियामक मंजूरी मिलने पर पहला कारखाना 2026 तक चालू हो सकता है।
एआई और डिजिटल तकनीकों का इस प्रकार भारी उद्योग में एकीकरण, दक्षता और स्थिरता को बढ़ाने की दिशा में उद्योग के व्यापक रुझान को दर्शाता है।
एआई‑सक्षम सुविधाएँ ब्लेड की सटीकता बढ़ाने, कच्चे माल की बर्बादी कम करने और उत्पादन समय को घटाने में मदद करेंगी, जिससे टरबाइन की लागत प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा। प्रत्येक कारखाने की वार्षिक उत्पादन क्षमता कई लाख ब्लेड की होगी, जो घरेलू परियोजनाओं और निर्यात दोनों को सपोर्ट करेगी।
यह निवेश भारत के 2030 नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य को पूरा करने के लिए उठाया गया कदम है। स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाकर सुज़लॉन तीनों राज्यों में रोजगार सृजन करेगा और बढ़ती पवन ऊर्जा मांग को पूरा करेगा। कंपनी ने बताया कि सभी नियामक मंजूरी मिलने पर पहला कारखाना 2026 तक चालू हो सकता है।
एआई और डिजिटल तकनीकों का इस प्रकार भारी उद्योग में एकीकरण, दक्षता और स्थिरता को बढ़ाने की दिशा में उद्योग के व्यापक रुझान को दर्शाता है।