📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
सर्वे में दिखा यूपी में एसपी-कोंग्रेस गठबंधन की बढ़ती ताकत, योगी की वापसी पर सवाल
✍️ THE WEEK
🗓 16 अक्टू. 2026, 09:01 PM
👁 13
एक हालिया सर्वेक्षण से पता चलता है कि यूपी में एसपी-कोंग्रेस गठबंधन की स्थिति बेहतर हुई है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वापसी पर सवाल बने हुए हैं।
एक हालिया जनमत सर्वेक्षण ने बताया कि समजवादी पार्टी (एसपी) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में सत्ता में रहने वाली भाजपा के साथ अंतर को कम किया है। राज्य भर के विभिन्न वर्गों को शामिल करने वाले इस सर्वे में एसपी-कोंग्रेस गठबंधन की स्थिति में सुधार दिखाया गया है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह सुधार बढ़ती विरोधी भावना और कई जिलों में विपक्षी वोटों के एकत्रीकरण को दर्शाता है। जबकि सर्वे ने सटीक प्रतिशत नहीं दिया, यह संकेत देता है कि आगामी विधानसभा चुनाव अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकता है।
इन परिणामों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक वापसी पर भी सवाल उठते हैं। पहले के सर्वे में उनकी मजबूत स्थिति के बावजूद, इस बार विरोधी गठबंधन की बढ़त उनके तीसरे कार्यकाल को चुनौती दे सकती है। राजनीतिक टिप्पणीकारों ने चेतावनी दी है कि योगी की वापसी अब निश्चित नहीं है।
दोनों पक्ष अपने-अपने रणनीतियों को पुनः परखने की संभावना रखते हैं, जहाँ एसपी-कोंग्रेस गठबंधन इस बदलाव का फायदा उठाने की कोशिश करेगा और भाजपा अपने आधार को सुदृढ़ करने के उपाय खोजेगी।
विश्लेषकों का कहना है कि यह सुधार बढ़ती विरोधी भावना और कई जिलों में विपक्षी वोटों के एकत्रीकरण को दर्शाता है। जबकि सर्वे ने सटीक प्रतिशत नहीं दिया, यह संकेत देता है कि आगामी विधानसभा चुनाव अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकता है।
इन परिणामों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक वापसी पर भी सवाल उठते हैं। पहले के सर्वे में उनकी मजबूत स्थिति के बावजूद, इस बार विरोधी गठबंधन की बढ़त उनके तीसरे कार्यकाल को चुनौती दे सकती है। राजनीतिक टिप्पणीकारों ने चेतावनी दी है कि योगी की वापसी अब निश्चित नहीं है।
दोनों पक्ष अपने-अपने रणनीतियों को पुनः परखने की संभावना रखते हैं, जहाँ एसपी-कोंग्रेस गठबंधन इस बदलाव का फायदा उठाने की कोशिश करेगा और भाजपा अपने आधार को सुदृढ़ करने के उपाय खोजेगी।