📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gannu03
मनोरंजन
सुरिया की ‘विश्वनाथ एंड सन्स’ ने 19वें दिन विश्वव्यापी बॉक्स‑ऑफ़ में 200.59 करोड़ रुपये पार किए
✍️ The Times of India
🗓 03 सित. 2026, 04:48 AM
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तमिल स्टार के नवीनतम फ़िल्म ‘विश्वनाथ एंड सन्स’ ने रिलीज़ के 19वें दिन विश्वव्यापी बॉक्स‑ऑफ़ में कुल 200.59 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की, टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने बताया।
तमिल भाषा की फिल्म ‘विश्वनाथ एंड सन्स’, जिसमें सुरिया मुख्य भूमिका में हैं, ने अपने सिनेमाघर रिलीज़ के बाद से लगातार मजबूत बॉक्स‑ऑफ़ प्रदर्शन किया है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, इस फिल्म की विश्वव्यापी कुल कमाई 19वें दिन 200.59 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
यह आंकड़ा फिल्म को उन कुछ क्षेत्रीय रिलीज़ में शामिल करता है जिन्होंने वैश्विक स्तर पर 200 करोड़ रुपये का मील का पत्थर पार किया है। रिपोर्ट में हॉलीवुड की फिल्म ‘DC’ के साथ तुलना भी की गई, जिससे स्पष्ट होता है कि ‘विश्वनाथ एंड सन्स’ अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भी अपनी पकड़ बनाए हुए है।
200 करोड़ रुपये की सीमा पार करना तमिल सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक उपलब्धि माना जाता है, जो घरेलू और विदेश दोनों बाजारों में दर्शकों की भारी उपस्थिति को दर्शाता है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में फिल्म अपनी गति बनाए रखेगी और सिनेमाघरों में अपना प्रदर्शन जारी रखेगी।
यह बॉक्स‑ऑफ़ सफलता सुरिया की आकर्षण शक्ति और फिल्म की विविध दर्शक वर्ग में अपील को उजागर करती है, जिससे दक्षिण भारतीय सिनेमा की निर्यात क्षमता और भी सुदृढ़ होती दिख रही है।
यह आंकड़ा फिल्म को उन कुछ क्षेत्रीय रिलीज़ में शामिल करता है जिन्होंने वैश्विक स्तर पर 200 करोड़ रुपये का मील का पत्थर पार किया है। रिपोर्ट में हॉलीवुड की फिल्म ‘DC’ के साथ तुलना भी की गई, जिससे स्पष्ट होता है कि ‘विश्वनाथ एंड सन्स’ अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भी अपनी पकड़ बनाए हुए है।
200 करोड़ रुपये की सीमा पार करना तमिल सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक उपलब्धि माना जाता है, जो घरेलू और विदेश दोनों बाजारों में दर्शकों की भारी उपस्थिति को दर्शाता है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में फिल्म अपनी गति बनाए रखेगी और सिनेमाघरों में अपना प्रदर्शन जारी रखेगी।
यह बॉक्स‑ऑफ़ सफलता सुरिया की आकर्षण शक्ति और फिल्म की विविध दर्शक वर्ग में अपील को उजागर करती है, जिससे दक्षिण भारतीय सिनेमा की निर्यात क्षमता और भी सुदृढ़ होती दिख रही है।