📷 चित्र स्रोत: The Hindu (via NewsData)
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट‑समर्थित चुनावी सुधार समीक्षा पर मैन्युअल हटाने के आरोप
✍️ The Hindu
🗓 28 सित. 2026, 10:48 AM
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित चुनावी पंजीकरण समीक्षा पर मैन्युअल हटाने और आंतरिक असहमति के आरोपों ने इसे चुनौती दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में चुनावी पंजीकरण में सुधार के लिए एक राज्य संस्थागत समीक्षा (SIR) को मंजूरी दी, जो पंजीकरण में मौजूद त्रुटियों और अनियमितताओं के बारे में बढ़ती चिंताओं के जवाब में है। यह समीक्षा, एक निष्पक्ष और पारदर्शी मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, अब जांच के दायरे में है।
रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में मतदाताओं को बिना उचित सत्यापन के पंजीकरण से हटा दिया गया है, और आयोग के भीतर आंतरिक असहमति ने प्रक्रिया की अखंडता को प्रभावित किया है। इन दावों से पता चलता है कि समीक्षा पर्याप्त जाँच और संतुलन के बिना आगे बढ़ रही है।
कानून ने स्पष्ट किया कि संशोधन को सावधानी, निष्पक्षता और संस्थागत क्षमता की सीमाओं का सम्मान करते हुए किया जाना चाहिए। किसी भी प्रक्रिया से विचलन से चुनावी प्रणाली में सार्वजनिक विश्वास कम हो सकता है।
आयोग ने इन चिंताओं को स्वीकार किया है और अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहा है। SIR का परिणाम आगामी चुनावों के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि मतदाता पंजीकरण की सटीकता लोकतांत्रिक वैधता के लिए एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।
रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में मतदाताओं को बिना उचित सत्यापन के पंजीकरण से हटा दिया गया है, और आयोग के भीतर आंतरिक असहमति ने प्रक्रिया की अखंडता को प्रभावित किया है। इन दावों से पता चलता है कि समीक्षा पर्याप्त जाँच और संतुलन के बिना आगे बढ़ रही है।
कानून ने स्पष्ट किया कि संशोधन को सावधानी, निष्पक्षता और संस्थागत क्षमता की सीमाओं का सम्मान करते हुए किया जाना चाहिए। किसी भी प्रक्रिया से विचलन से चुनावी प्रणाली में सार्वजनिक विश्वास कम हो सकता है।
आयोग ने इन चिंताओं को स्वीकार किया है और अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहा है। SIR का परिणाम आगामी चुनावों के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि मतदाता पंजीकरण की सटीकता लोकतांत्रिक वैधता के लिए एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है।