📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
शिक्षा
सुप्रीम कोर्ट ने शुरू किया मासिक व्याख्यान श्रृंखला: कानून, न्याय और कानूनी शिक्षा
✍️ LatestLY
🗓 06 सित. 2026, 02:07 PM
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भारत के सुप्रीम कोर्ट ने देश में कानून, न्याय और कानूनी शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए मासिक व्याख्यान श्रृंखला शुरू करने की घोषणा की।
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने कानून, न्याय और कानूनी शिक्षा पर केंद्रित मासिक व्याख्यान श्रृंखला शुरू करने की योजना का खुलासा किया है। यह पहल न्यायिक प्रणाली और उसके मूल सिद्धांतों को व्यापक जनता और पेशेवरों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखती है।
प्रत्येक सत्र में न्यायाधीश, कानूनी विद्वान, अभ्यासकर्ता और छात्रों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि समकालीन मुद्दों और विधि क्षेत्र में हो रहे विकास पर चर्चा की जा सके। सत्रों का सटीक समय‑सारिणी और स्थान अभी घोषित नहीं किए गए हैं, पर कोर्ट ने बताया कि ये व्याख्यान कानून विद्यालयों और नागरिक समाज समूहों सहित सभी के लिए सुलभ होंगे।
आयोजक इस श्रृंखला को संवाद का मंच बनाकर कानूनी अवधारणाओं में गहरी समझ को बढ़ावा देने और सूचित नागरिकता की संस्कृति को सुदृढ़ करने की उम्मीद करते हैं। संविधानिक कानून से लेकर प्रक्रिया सुधार तक विभिन्न विषयों को नियमित रूप से संबोधित करके, कोर्ट राष्ट्रीय कानूनी शिक्षा प्रणाली को मजबूत करना चाहता है।
यह घोषणा मीडिया पोर्टल LatestLY ने प्रकाशित की, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की शैक्षिक outreach और न्याय साक्षरता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को उजागर किया गया।
प्रत्येक सत्र में न्यायाधीश, कानूनी विद्वान, अभ्यासकर्ता और छात्रों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि समकालीन मुद्दों और विधि क्षेत्र में हो रहे विकास पर चर्चा की जा सके। सत्रों का सटीक समय‑सारिणी और स्थान अभी घोषित नहीं किए गए हैं, पर कोर्ट ने बताया कि ये व्याख्यान कानून विद्यालयों और नागरिक समाज समूहों सहित सभी के लिए सुलभ होंगे।
आयोजक इस श्रृंखला को संवाद का मंच बनाकर कानूनी अवधारणाओं में गहरी समझ को बढ़ावा देने और सूचित नागरिकता की संस्कृति को सुदृढ़ करने की उम्मीद करते हैं। संविधानिक कानून से लेकर प्रक्रिया सुधार तक विभिन्न विषयों को नियमित रूप से संबोधित करके, कोर्ट राष्ट्रीय कानूनी शिक्षा प्रणाली को मजबूत करना चाहता है।
यह घोषणा मीडिया पोर्टल LatestLY ने प्रकाशित की, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की शैक्षिक outreach और न्याय साक्षरता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को उजागर किया गया।