📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / DTM
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने तय किया: दिल्ली पुलिस बार-बार रोक आदेश जारी नहीं कर सकती
✍️ ThePrint
🗓 13 अक्टू. 2026, 07:33 AM
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2018 के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में, दिल्ली पुलिस को यह स्पष्ट किया गया कि वे सेक्शन 144-163 के तहत विरोधों के दौरान बार-बार रोक आदेश जारी नहीं कर सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में एक ऐतिहासिक निर्णय दिया, जिसमें दिल्ली पुलिस के सार्वजनिक विरोधों के दौरान रोक आदेश जारी करने की सीमाएँ स्पष्ट की गईं।
न्यायालय ने कहा कि सेक्शन 144 से 163 के तहत बार-बार आदेश जारी करना अनुमत नहीं है जब तक कि हर आदेश अपने आप में उचित न हो।
यह निर्णय नागरिक स्वतंत्रता के लिए एक सुरक्षा के रूप में देखा गया है, जिससे पुलिस की शक्ति को बिना किसी संदेह के प्रयोग करने के बजाय उचित जाँच के साथ प्रयोग किया जा सके।
वकीलों और नागरिक‑अधिकार समूहों ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह कहते हुए कि यह सार्वजनिक व्यवस्था और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार के बीच संतुलन को मजबूत करता है।
न्यायालय ने कहा कि सेक्शन 144 से 163 के तहत बार-बार आदेश जारी करना अनुमत नहीं है जब तक कि हर आदेश अपने आप में उचित न हो।
यह निर्णय नागरिक स्वतंत्रता के लिए एक सुरक्षा के रूप में देखा गया है, जिससे पुलिस की शक्ति को बिना किसी संदेह के प्रयोग करने के बजाय उचित जाँच के साथ प्रयोग किया जा सके।
वकीलों और नागरिक‑अधिकार समूहों ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह कहते हुए कि यह सार्वजनिक व्यवस्था और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार के बीच संतुलन को मजबूत करता है।