📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
अपराध
जयपुर बम धमाका में दो दोषियों की रिहाई याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 08 सित. 2026, 02:17 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर बम धमाका में नौवें बम की साजिश में शामिल दो जीवनकैदियों की रिहाई याचिकाएँ खारिज कर दीं, मामले को अत्यंत गंभीर बताया।
सुप्रीम कोर्ट ने आज उन दो कैदियों की रिहाई याचिकाओं को खारिज कर दिया जो जयपुर बम धमाका श्रृंखला के नौवें बम की साजिश में शामिल होने के कारण आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। अदालत ने इस मामले को राष्ट्रीय और जनसुरक्षा के लिहाज़ से अत्यंत गंभीर बताया और रिहाई की कोई संभावना नहीं दी।
इन दोनों को कई बम विस्फोटों में भागीदारी के कारण दोषी ठहराया गया था, जो जयपुर में हुए थे। आजीवन सजा उनके द्वारा किए गए आतंकवादी कृत्य की गंभीरता को दर्शाती है।
रिहाई को नकारते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी रुख अपनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और यह स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में दंड पूरी तरह से लागू रहेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने में न्यायपालिका की भूमिका को मजबूत करता है, विशेषकर समन्वित बम हमलों से जुड़े मामलों में।
इन दोनों को कई बम विस्फोटों में भागीदारी के कारण दोषी ठहराया गया था, जो जयपुर में हुए थे। आजीवन सजा उनके द्वारा किए गए आतंकवादी कृत्य की गंभीरता को दर्शाती है।
रिहाई को नकारते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी रुख अपनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और यह स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में दंड पूरी तरह से लागू रहेगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने में न्यायपालिका की भूमिका को मजबूत करता है, विशेषकर समन्वित बम हमलों से जुड़े मामलों में।