📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Diliff
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने एमपी ओबीसी आरक्षण याचिका में 10 तकनीकी खामियां उजागर
✍️ Amar Ujala · Jabalpur
🗓 27 अक्टू. 2026, 08:32 AM
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सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने सरकार की ओबीसी आरक्षण याचिका में दस तकनीकी आपत्तियां दर्ज की हैं, जिससे दुरुस्ती तक सुनवाई रुक गई है।
मध्य प्रदेश सरकार ने जालंधर हाईकोर्ट के उस फैसले को उलटने के लिए विशेष अनुमति हेतु सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें ओबीसी आरक्षण को बरकरार रखने का आदेश था। यह याचिका आरक्षण कोटा और मौजूदा नीतियों पर प्रभाव को चुनौती देती है।
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका की प्रारम्भिक जांच के दौरान दस तकनीकी आपत्तियां दर्ज कीं, जिनमें अपूर्ण हलफ़नामा, फॉर्मेट मानकों का उल्लंघन और दस्तावेज़ी त्रुटियां शामिल हैं।
इन आपत्तियों के कारण नियमित सुनवाई आगे नहीं बढ़ेगी जब तक सरकार द्वारा सुधार नहीं किए जाते। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे प्रक्रियात्मक मुद्दे अक्सर उच्च प्रोफ़ाइल मामलों में देखे जाते हैं और इससे निर्णय तक कई हफ्ते या महीने लग सकते हैं।
सुधार हो जाने पर याचिका को substantive hearing के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा, जहाँ मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के व्यापक प्रश्न पर सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा।
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका की प्रारम्भिक जांच के दौरान दस तकनीकी आपत्तियां दर्ज कीं, जिनमें अपूर्ण हलफ़नामा, फॉर्मेट मानकों का उल्लंघन और दस्तावेज़ी त्रुटियां शामिल हैं।
इन आपत्तियों के कारण नियमित सुनवाई आगे नहीं बढ़ेगी जब तक सरकार द्वारा सुधार नहीं किए जाते। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे प्रक्रियात्मक मुद्दे अक्सर उच्च प्रोफ़ाइल मामलों में देखे जाते हैं और इससे निर्णय तक कई हफ्ते या महीने लग सकते हैं।
सुधार हो जाने पर याचिका को substantive hearing के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा, जहाँ मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के व्यापक प्रश्न पर सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा।