📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
अपराध
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों के आपराधिक मामलों को खारिज किया
✍️ Malay Mail
🗓 01 सित. 2026, 09:40 PM
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भारत के सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज आपराधिक मामलों को सबूतों की कमी के कारण खारिज कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने कई प्रदर्शनकारियों पर दर्ज आपराधिक मामलों को खारिज कर दिया, क्योंकि अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त सबूत नहीं पेश किए। वरिष्ठ न्यायाधीशों की एक पैनल ने दायर याचिका को सुना और पाया कि मामलों की कानूनी आधारशिला कमजोर है।
प्रदर्शनकारियों पर विभिन्न धारा के तहत आरोप लगाए गए थे, लेकिन उन्होंने कहा कि ये मामले राजनीतिक कारणों से दायर किए गए हैं और तथ्यात्मक रूप से ठोस नहीं हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत सामग्री की गहन जांच के बाद यह निर्णय दिया।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है और यह सुनिश्चित करता है कि आपराधिक प्रक्रिया का दुरुपयोग न हो। अब इन अभियुक्तों को तब तक अभियोजन नहीं किया जाएगा जब तक नई साक्ष्य नहीं मिलती।
मानवाधिकार संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया, इसे लोकतांत्रिक समाज में शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की पुनः पुष्टि माना।
प्रदर्शनकारियों पर विभिन्न धारा के तहत आरोप लगाए गए थे, लेकिन उन्होंने कहा कि ये मामले राजनीतिक कारणों से दायर किए गए हैं और तथ्यात्मक रूप से ठोस नहीं हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत सामग्री की गहन जांच के बाद यह निर्णय दिया।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है और यह सुनिश्चित करता है कि आपराधिक प्रक्रिया का दुरुपयोग न हो। अब इन अभियुक्तों को तब तक अभियोजन नहीं किया जाएगा जब तक नई साक्ष्य नहीं मिलती।
मानवाधिकार संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया, इसे लोकतांत्रिक समाज में शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की पुनः पुष्टि माना।