📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Jaiveer singh shergill
देश
सुप्रीम कोर्ट ने रोड प्रोजेक्ट्स के लिए पंजाब को वनीकरण योजना जमा करने का आदेश दिया
✍️ India Today
🗓 08 अक्टू. 2026, 02:32 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को चल रहे रोड निर्माण कार्यों से जुड़ी प्रतिपूरक वनीकरण के लिए भूमि योजना तैयार कर जमा करने का निर्देश दिया है।
नई दिल्ली — सुप्रीम कोर्ट ने हालिया फैसले में पंजाब सरकार को कई सड़क परियोजनाओं के लिए प्रतिपूरक वनीकरण हेतु विस्तृत भूमि‑उपयोग योजना तैयार करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि बुनियादी ढाँचा विकास के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए निर्धारित क्षेत्रों में नया वनस्पति निर्माण अनिवार्य है।
इस आदेश के तहत राज्य को उपयुक्त जमीन की पहचान, रोपण समय‑सारिणी और वन संरक्षण अधिनियम के मानकों के अनुरूप वनीकरण प्रक्रिया का विवरण प्रस्तुत करना होगा। पंजाब के अधिकारी इस योजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर कोर्ट को सौंपेंगे।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय विकास कार्य जारी रखने के साथ‑साथ पर्यावरणीय सुरक्षा को लागू करने में न्यायपालिका की भूमिका को सुदृढ़ करता है। यह अन्य राज्यों को भी भविष्य में समान अनुपालन की चेतावनी देता है।
पंजाब सरकार ने इस आदेश को स्वीकार किया है और तकनीकी समिति बनाकर आवश्यक दस्तावेज़ तैयार करने का इरादा जताया है। कार्यान्वयन के लिए वित्तीय व्यवस्था और निगरानी तंत्र का विवरण वन विभाग और संबंधित मंत्रालयों के सहयोग से तय किया जाएगा।
स्थानीय समुदाय और पर्यावरणीय NGOs ने इस कदम का स्वागत किया है, इसे विकास और पारिस्थितिक संतुलन के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना है।
इस आदेश के तहत राज्य को उपयुक्त जमीन की पहचान, रोपण समय‑सारिणी और वन संरक्षण अधिनियम के मानकों के अनुरूप वनीकरण प्रक्रिया का विवरण प्रस्तुत करना होगा। पंजाब के अधिकारी इस योजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर कोर्ट को सौंपेंगे।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय विकास कार्य जारी रखने के साथ‑साथ पर्यावरणीय सुरक्षा को लागू करने में न्यायपालिका की भूमिका को सुदृढ़ करता है। यह अन्य राज्यों को भी भविष्य में समान अनुपालन की चेतावनी देता है।
पंजाब सरकार ने इस आदेश को स्वीकार किया है और तकनीकी समिति बनाकर आवश्यक दस्तावेज़ तैयार करने का इरादा जताया है। कार्यान्वयन के लिए वित्तीय व्यवस्था और निगरानी तंत्र का विवरण वन विभाग और संबंधित मंत्रालयों के सहयोग से तय किया जाएगा।
स्थानीय समुदाय और पर्यावरणीय NGOs ने इस कदम का स्वागत किया है, इसे विकास और पारिस्थितिक संतुलन के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना है।