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राजनीति
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश उज्ज्वल भुयान ने मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाने की निंदा की
✍️ TOI India
🗓 05 अक्टू. 2026, 05:53 AM
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सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश उज्ज्वल भुयान ने विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह कदम संवैधानिक मूल्यों को खतरे में डालता है और लाखों नागरिकों को मताधिकार से वंचित करता है।
न्यायाधीश उज्ज्वल भुयान ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन से संबंधित सुनवाई के दौरान अपनी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उचित सत्यापन के बिना नाम हटाने से सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का लोकतांत्रिक सिद्धांत कमजोर होता है।
न्यायाधीश ने जोर देकर कहा कि मतदान का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त एक मौलिक अधिकार है और किसी भी बड़े पैमाने पर नाम हटाने की प्रक्रिया को विधि के उचित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मनमाने ढंग से हटाने से पात्र मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने का खतरा बढ़ सकता है।
न्यायमूर्ति भुयान ने चुनाव अधिकारियों से अपील की कि कोई भी नागरिक बिना निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के मतदान के अधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगामी चुनावों से पहले गलत तरीके से हटाए गए नामों को तुरंत बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
न्यायाधीश ने जोर देकर कहा कि मतदान का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त एक मौलिक अधिकार है और किसी भी बड़े पैमाने पर नाम हटाने की प्रक्रिया को विधि के उचित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मनमाने ढंग से हटाने से पात्र मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने का खतरा बढ़ सकता है।
न्यायमूर्ति भुयान ने चुनाव अधिकारियों से अपील की कि कोई भी नागरिक बिना निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के मतदान के अधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगामी चुनावों से पहले गलत तरीके से हटाए गए नामों को तुरंत बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।