📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर से 1953 के ज़मीन अधिग्रहण के लिए मुआवजे की मांग की
✍️ Daily Excelsior
🗓 17 अग. 2026, 08:36 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर से 1953 में पुलिस स्टेशन के लिए जबरदस्ती अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर से 1953 में पुलिस स्टेशन के लिए जबरदस्ती अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे का आदेश दिया। यह निर्णय प्रभावित भूमि मालिकों द्वारा दायर याचिका के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा कि अधिग्रहण उनके संपत्ति अधिकारों का उल्लंघन है।
1953 में राज्य सरकार ने क्षेत्र में एक पुलिस चौकी बनाने के लिए जमीन को जबरन अधिग्रहित किया था। भूमि मालिकों का दावा है कि इस प्रक्रिया में कानूनी औपचारिकताओं का पालन नहीं किया गया और उचित मुआवजा नहीं दिया गया।
कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार का जबरदस्ती अधिग्रहण संवैधानिक संपत्ति अधिकारों का उल्लंघन है और राज्य को उचित मुआवजा देने की जिम्मेदारी है। उसने राज्य को एक विस्तृत मुआवजा योजना निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
इस निर्णय से 1953 के अधिग्रहण की समीक्षा शुरू होने की संभावना है और यह देश भर में अन्य भूमि‑अधिकार मामलों के लिए मिसाल कायम कर सकता है।
1953 में राज्य सरकार ने क्षेत्र में एक पुलिस चौकी बनाने के लिए जमीन को जबरन अधिग्रहित किया था। भूमि मालिकों का दावा है कि इस प्रक्रिया में कानूनी औपचारिकताओं का पालन नहीं किया गया और उचित मुआवजा नहीं दिया गया।
कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार का जबरदस्ती अधिग्रहण संवैधानिक संपत्ति अधिकारों का उल्लंघन है और राज्य को उचित मुआवजा देने की जिम्मेदारी है। उसने राज्य को एक विस्तृत मुआवजा योजना निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
इस निर्णय से 1953 के अधिग्रहण की समीक्षा शुरू होने की संभावना है और यह देश भर में अन्य भूमि‑अधिकार मामलों के लिए मिसाल कायम कर सकता है।