📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Subhashish Panigrahi
राजनीति
सुप्रीम कोर्ट ने पुष्टि की कि बंगाल स्पीकर टीएमसी विद्रोहियों के अपात्रता की समय सीमा से अवगत थे
✍️ Business Standard
🗓 28 सित. 2026, 07:18 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय दिया कि पश्चिम बंगाल के स्पीकर टीएमसी के विद्रोही सदस्यों के अपात्रता की समय सीमा से अवगत थे।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक निर्णय जारी किया जिसमें कहा गया कि पश्चिम बंगाल विधान सभा के स्पीकर टीएमसी के विद्रोही सदस्यों के अपात्रता की समय सीमा से अवगत थे। यह निर्णय विपक्षी दलों और राज्य सरकार द्वारा दायर की गई कई याचिकाओं के बाद आया है, जिनमें तिरस्कार कानून के तहत विद्रोहियों को हटाने की मांग की गई थी।
न्यायालय ने पक्षों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, जिसमें स्पीकर के सार्वजनिक वक्तव्य और विद्रोहियों को जारी की गई प्रक्रियागत नोटिस शामिल हैं, का विश्लेषण किया। इसमें पाया गया कि स्पीकर ने वास्तव में अपात्रता प्रक्रिया के लिए एक स्पष्ट समय सीमा घोषित की थी, जिससे प्रक्रियागत आवश्यकताओं को पूरा किया गया।
न्यायालय ने जोर दिया कि स्पीकर की जागरूकता विधानसभा को उचित प्रक्रिया से मुक्त नहीं करती, लेकिन यह पुष्टि करती है कि उठाए गए कदम वैध थे। यह स्पष्टिकरण विद्रोही विधायकों की स्थिति पर चल रहे कानूनी विवादों को प्रभावित कर सकता है।
यह निर्णय पश्चिम बंगाल विधानसभा की संरचना पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है और आने वाले महीनों में राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को आकार दे सकता है।
न्यायालय ने पक्षों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, जिसमें स्पीकर के सार्वजनिक वक्तव्य और विद्रोहियों को जारी की गई प्रक्रियागत नोटिस शामिल हैं, का विश्लेषण किया। इसमें पाया गया कि स्पीकर ने वास्तव में अपात्रता प्रक्रिया के लिए एक स्पष्ट समय सीमा घोषित की थी, जिससे प्रक्रियागत आवश्यकताओं को पूरा किया गया।
न्यायालय ने जोर दिया कि स्पीकर की जागरूकता विधानसभा को उचित प्रक्रिया से मुक्त नहीं करती, लेकिन यह पुष्टि करती है कि उठाए गए कदम वैध थे। यह स्पष्टिकरण विद्रोही विधायकों की स्थिति पर चल रहे कानूनी विवादों को प्रभावित कर सकता है।
यह निर्णय पश्चिम बंगाल विधानसभा की संरचना पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है और आने वाले महीनों में राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को आकार दे सकता है।