📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Goutam1962
धर्म
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में दिवाली के लिए प्रमाणित ‘ग्रीन’ पटाखों को मंजूरी दी
✍️ NDTV
🗓 03 नव. 2026, 03:16 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि दिल्ली में दिवाली के दौरान केवल प्रमाणित पर्यावरण‑मित्र पटाखों का ही उपयोग किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में आगामी दिवाली के अवसर पर केवल प्रमाणित "ग्रीन" पटाखों के उपयोग की अनुमति दी है। यह आदेश कई याचिकाओं के बाद आया, जिनमें दिल्ली की गंभीर वायु‑गुणवत्ता समस्या और पारंपरिक आतिशबाज़ी से उत्पन्न प्रदूषण को कम करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया था।
आदेश के तहत निर्माताओं और विक्रेताओं को अपने पटाखों को निर्दिष्ट उत्सर्जन मानकों के अनुरूप प्रमाणित करवाना अनिवार्य है, तभी वे राजधानी में बेचे या जलाए जा सकते हैं। अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा स्पॉट जांचें की जाएँगी और बिना प्रमाणन वाले उत्पादों को जब्त किया जाएगा।
दिल्ली की नगरपालिका ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह कहते हुए कि यह दिवाली के सांस्कृतिक महत्व को सार्वजनिक स्वास्थ्य की आवश्यकता के साथ संतुलित करता है। पिछले वर्षों की तुलना में अपेक्षित है कि कण पदार्थ और सल्फर डाइऑक्साइड के स्तर में कमी आएगी।
कोर्ट ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को पूरे त्यौहार के दौरान वायु गुणवत्ता की निगरानी करने और किसी भी उल्लंघन की रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है। यह निर्णय इस वर्ष की दिवाली के लिए प्रभावी है और अन्य राज्यों के लिए भी आतिशबाज़ी को नियमन करने का मिसाल बन सकता है।
पटाखा निर्माताओं सहित सभी हितधारकों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रमाणन प्रक्रिया को तेज़ करें ताकि त्यौहार की तिथि से पहले सभी प्रमाणित उत्पाद उपलब्ध हों और कोई कानूनी अड़चन न आए।
आदेश के तहत निर्माताओं और विक्रेताओं को अपने पटाखों को निर्दिष्ट उत्सर्जन मानकों के अनुरूप प्रमाणित करवाना अनिवार्य है, तभी वे राजधानी में बेचे या जलाए जा सकते हैं। अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा स्पॉट जांचें की जाएँगी और बिना प्रमाणन वाले उत्पादों को जब्त किया जाएगा।
दिल्ली की नगरपालिका ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह कहते हुए कि यह दिवाली के सांस्कृतिक महत्व को सार्वजनिक स्वास्थ्य की आवश्यकता के साथ संतुलित करता है। पिछले वर्षों की तुलना में अपेक्षित है कि कण पदार्थ और सल्फर डाइऑक्साइड के स्तर में कमी आएगी।
कोर्ट ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को पूरे त्यौहार के दौरान वायु गुणवत्ता की निगरानी करने और किसी भी उल्लंघन की रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है। यह निर्णय इस वर्ष की दिवाली के लिए प्रभावी है और अन्य राज्यों के लिए भी आतिशबाज़ी को नियमन करने का मिसाल बन सकता है।
पटाखा निर्माताओं सहित सभी हितधारकों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रमाणन प्रक्रिया को तेज़ करें ताकि त्यौहार की तिथि से पहले सभी प्रमाणित उत्पाद उपलब्ध हों और कोई कानूनी अड़चन न आए।