📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
अपराध
सुप्रीम कोर्ट ने दारा सिंह की रिमिशन में देरी पर ओडिशा को किया चेतावनी
✍️ Live Law
🗓 19 अग. 2026, 01:36 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने दारा सिंह की रिमिशन में देरी के कारण ओडिशा सरकार को शीघ्र कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दारा सिंह की रिमिशन याचिका पर ओडिशा सरकार की धीमी कार्यवाही को लेकर असंतोष जताया, जहाँ कई महीनों से मामला लटके हुए था। कोर्ट ने कहा कि रिमिशन में अनावश्यक देरी न्याय के सिद्धांतों और याचिकाकर्ता के अधिकारों को कमजोर करती है। उन्होंने राज्य को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर रिमिशन का निर्णय लेने का निर्देश दिया, अन्यथा contempt proceedings का सामना करना पड़ सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि रिमिशन आदेश आमतौर पर कैदी के व्यवहार और राज्य सरकार की सिफारिशों के आधार पर जारी होते हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप न्यायपालिका की यह भूमिका दर्शाता है कि वह कार्यकारी कार्रवाई को संवैधानिक गारंटी के अनुरूप रखे। ओडिशा सरकार ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, पर सूत्रों ने कहा कि अधिकारी कोर्ट के निर्देश की समीक्षा कर रहे हैं।
यह मामला नागरिक समाज के समूहों का ध्यान भी आकर्षित कर रहा है, जो मानते हैं कि रिमिशन में देरी जेलों में भीड़भाड़ बढ़ा सकती है और पुनर्वास प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकती है। सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी सभी राज्य प्राधिकरणों को रिहाई और रिमिशन मामलों में समय सीमा का पालन करने की याद दिलाती है।
कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि रिमिशन आदेश आमतौर पर कैदी के व्यवहार और राज्य सरकार की सिफारिशों के आधार पर जारी होते हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप न्यायपालिका की यह भूमिका दर्शाता है कि वह कार्यकारी कार्रवाई को संवैधानिक गारंटी के अनुरूप रखे। ओडिशा सरकार ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, पर सूत्रों ने कहा कि अधिकारी कोर्ट के निर्देश की समीक्षा कर रहे हैं।
यह मामला नागरिक समाज के समूहों का ध्यान भी आकर्षित कर रहा है, जो मानते हैं कि रिमिशन में देरी जेलों में भीड़भाड़ बढ़ा सकती है और पुनर्वास प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकती है। सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी सभी राज्य प्राधिकरणों को रिहाई और रिमिशन मामलों में समय सीमा का पालन करने की याद दिलाती है।